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बरसात किसानों के लिए आफत बन कर आई

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शामली। पिछले तीन दिनों की बरसात किसानों के लिए आफत बन कर आई। बारिश से ऊन ब्लाक के किसानों को सबसे ज्यादा धान की फसल को क्षति का अनुमान लगाया गया है। ऊन ब्लाक में 40 प्रतिशत, थानाभवन ब्लाक के 30 और शामली ब्लाक में 25 प्रतिशत धान की फसल को क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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जिले में कैराना-ऊन ब्लाक का यमुना खादर धान की बेल्ट है। पिछले 15 दिनों से धान की अगेती कटाई चल रही है। ऊन क्षेत्र में धान की अगेती फसल की कटाई जोर शोर से चल रही है। पिछले तीन दिनों तक रुक रुककर हुई बूंदाबांदी किसानों के लिए आफत बनकर आई है। धान की अगेती फसल को ज्यादातर नुकसान पहुंचा हैं। ज्यादातर धान की अगेती फसल को ऊन ब्लाक के किसानों को हुआ हैं। अधिकारियों के मुताबिक ऊन ब्लाक में किसानों की धान की फसल को 40 प्रतिशत, थानाभवन में 30 व शामली-कैैराना ब्लाक में 25 प्रतिशत क्षति का अनुमान है। ऊन ब्लाक के खोड़समा गांव में सुशील की छह बीघा, राजवीर की 14 बीघा में सात बीघा, राजपाल की 20 बीघा, उदयवीर की छह बीघा, पुष्पेंद्र की 50 बीघा, यशपाल फूसगढ़ में 40 बीघा, कंवरपाल की 36 बीघा, महक सिंह की 36 बीघा, सुबोध राममेहर की 10-10 बीघा, मांगेराम की 13 बीघा, हरपाल की आठ बीघा, रामफल की 10 बीघा, जयपाल की पांच बीघा, रविंद्र 10 बीघा, बबलू 25 बीघा की धान की फसल की फसल गिर जाने से नुकसान पहुंचा है।
थानाभवन क्षेत्र के हसनपुर लुहारी गांव के रामकुमार की बीस बीघा में धान की छह बीघा, रामपाल की 40 बीघा में 25 बीघा, रामभूल की 15 बीघा में दस बीघा राजेश सैनी की 25 बीघा में से 16 बीघा, श्रीचंद की 40 बीघा में से 25 बीघा, मांगेराम दादा की 50 बीघा में से 30 बीघा फसल गिरने से क्षति पहुंची है। कुतुबगढ़ गांव में मांगेराम में 60 बीघा में 30 बीघा धान की फसल में पानी भर गया है। धान की फसल में पानी की निकासी न होने से पके हुए धान के खेतों में ज्यादा नुकसान हुआ है। उधर, उपनिदेशक कृषि निदेशक शिवकुमार केसरी ने बताया कि जिले में धान की फसल को क्षति जरूर हुई है। धान की पकी फसल को ज्यादा क्षति हुई है। लोटपोट फसल के दाने पर असर पड़ेगा।
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