उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर प्रियंवदा तोमर ने सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला वार्ड, प्रसव रूम तथा महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं को परखा। उन्होंने डाक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सोमवार की सरकारी अस्पताल में राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर प्रियंवदा तोमर शामली के सरकारी अस्पताल में पहुंची। इस दौरान सीएमओ डाक्टर राजकुमार ने उनकी अगुवाई की। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सरकारी अस्पताल का महिला वार्ड देखा। यहां पर उन्होंने सफाई व्यवस्था को जाना। महिला वार्ड में मात्र चार ही महिलाएं भर्ती मिली। उन्होंने कहा कि यह बहुत चिंता की बात है। इससे साफ जाहिर है कि जनता को सरकारी अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं पर किसी को भरोसा नहीं है। एक तरफ जहां प्राइवेट अस्पताल में बेड खाली नहीं है तो दूसरी ओर सरकारी अस्पताल में बेड खाली ही पड़े रहते हैं। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं से बात की कि उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं आई। प्रसव के बाद क्या अस्पताल में उनको खाने के लिए दिया गया। उसके बाद उन्होंने सीएमओ ऑफिस पर डाक्टरों की कन्या भ्रूण हत्या और लिंग परीक्षण के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से लिंग परीक्षण तथा जिले में अल्ट्रासाउंड मशीनों के बारे में जानकारी चाही और उनकी फाइल भी तलब की। इस दौरान सीएमओ डाक्टर राजकुमार, एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार, डाक्टर जगमोहन, चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा आदि मौजूद रहे।
आर्यन अस्पताल की फाइल तलब की
महिला को बिना जांच किए बिना अवैध ब्लड चढ़ाने और बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन के मामले में सील लिए गए आर्यन अस्पताल के संबंध में राज्य महिला आयोग की सदस्य से फाइल तलब की। इस दौरान उन्होंने डाक्टरों से पूर्व में सील किए गए कारण पूछा तथा अभी हाल में की गई एक महिला द्वारा की गई शिकायत के बाद क्या कार्रवाई की गई की जानकारी मांगी, जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने जल्द मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बड़ी चिंता की बात है कि प्राइवेट अस्पतालों में बेड खाली नहीं है और सरकारी अस्पतालों में बेड खाली पड़े रहते हैं, जाहिर है कि कहीं ना कहीं पब्लिक को व्यवस्था पर भरोसा नहीं है, यह भरोसा कायम करने की जरूरत है।
डॉक्टर प्रियंवदा तोमर
सदस्य राज्य महिला आयोग