शामली। आर्य समाज का ऋषि बोध सप्ताह के सातवें दिन वैदिक यज्ञ का आयोजित किया गया। आर्य समाज के पुरोहित डॉक्टर रविदत्त आर्य ने वैदिक यज्ञ संपन्न कराया। कहा कि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, इसलिए आलस्य नहीं करना चाहिए। सदैव संघर्षशील व्यक्ति की उन्नति करता है। जीवन में कभी संघर्षों को विराम नहीं देना चाहिए।
शनिवार को करनाल रोड स्थित मुकेश चौधरी के यहां आर्य समाज का ऋषि बोध सप्ताह के सातवें दिन वैदिक यज्ञ एवं भजन प्रवचन के कार्यक्रम हुए। यज्ञ व प्रवचन से पहले ऋषि बोध उत्सव के सातवें दिन आर्य समाज से प्रात:काल में प्रभातफेरी निकाली गई। आर्य समाज के पुरोहित डॉ. रविदत्त आर्य ने वैदिक यज्ञ संपन्न कराया। मुख्य यज्ञमान मुकेश चौधरी-अंशु, सुशील तोमर-राजेश देवी, डॉ. विनीत चौहान-सीमा, कुलवंत सिंह-रीना, विकेंद्र सिंह-मंजू, रहे। बिजनौर से आए आर्य समाज के भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा मानव वही है जो अपना जीवन परोपकार में लगाए। जीवन में चरित्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। संघर्षों से ही जीवन में आत्मिक बल मिलता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक राजेश श्रीवास्तव रहे। संचालन आर्य विद्यासभा के मंत्री दिनेश आर्य ने किया। इस अवसर पर आर्य समाज के मंत्री देवेंद्र देव आर्य, रविकांत आर्य, आर्य विद्यासभा के प्रधान राजपाल आर्य, नरेंद्र अग्रवाल, पूरण चंद आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, वेदप्रकाश आर्य, रमेश विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश अग्रवाल, सुरेंद्र आर्य, महेश विश्वकर्मा, मीरा वर्मा, मिथलेश आर्य, शारदा आर्य, नीलम आर्य, पूनम आर्य आदि उपस्थित रहे।