थानाभवन। भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित तीन दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को जैविक खेती करने के साथ अपने उत्पाद तैयार कर आय को दो से तीन गुना करने के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर कई राज्यों के साथ आसपास क्षेत्र के किसानों ने भी भाग लिया।
रविवार को अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। मुख्य अतिथि संघ के राष्ट्रीय महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी ने कहा कि आज प्राकृतिक खेती का प्रचार-प्रसार पूरे देश में हो रहा है। किसान जैविक खेती के जरिए जहां अपनी फसल के उत्पादन को बढ़ा रहा है, साथ ही भूमि की ताकत भी बढ़ रही है। ठाकुर धर्मपाल सिंह ने कहा कि जैविक खेती के साथ किसानों को अपनी आय बढ़ाने के स्रोत भी पैदा करने होंगे। बताया कि उत्तर प्रदेश के साथ कई राज्यों के किसान हल्दी का अचार, गुड़, सिरका, लेमन ग्रास, गोबर से बने गमले आदि वस्तुओं का उत्पादन कर खेती के साथ खेती से संबंधित व्यापार भी कर रहे हैं, इससे उनकी आय में दो से तीन गुना तक की वृद्धि हो रही है। यदि सभी किसान इसी तरह से जैविक खेती कर आगे बढ़े तो शीघ्र देश का पूरा किसान वर्ग संपन्न हो जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि हरित क्रांति और रासायनिक खेती के दुष्परिणाम के रूप में जल और मिट्टी में जानलेवा प्रदूषण बढ़ रहा है। इस प्रदूषण के बढ़ने से कैंसर जैसी बीमारियां जन्म ले रही हैं। इसलिए जैविक खेती के लिए पूरे देश में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। बताया कि जैविक खेती करने में रासायनिक खेती से काफी कम लागत आती है और पैदावार भी अधिक होती है। मौके पर संघ के सोहनपाल, संजय राणा, धीरज राणा, ठाकुर धर्मपाल सिंह, विनोद पुंडीर, वीरेंद्र सिंह आदि काफी किसान मौजूद रहे।