परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के जनपद के भीतर समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप पर छात्र संख्या भेजने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में 750 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। वर्तमान सत्र में इन सभी विद्यालयों में लगभग 86 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए जनपद में करीब 1800 शिक्षक तैनात हैं। जिनमें कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। विभागीय लापरवाही के चलते कुछ स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक-शिक्षिका तैनात है। इधर शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। शासन द्वारा डीएम की अध्यक्षता वाली समिति का गठन किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक 30 सितंबर तक छात्रों की संख्या का निर्धारण किया जाएगा। इसको लेकर शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या मांगी गई है। इसके बाद शासन द्वारा पद सृजित कर समायोजन व पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जारी शासनादेश के मुताबिक पद निर्धारण के बाद सबसे पहले समायोजन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इसके तहत ऐसे विद्यालय जहां मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत है, उन्हें वहां से हटाकर मानक से कम शिक्षकों वाले विद्यालयों में पदास्थापित करने की कार्रवाई की जाएगी। समायोजन प्रक्रिया में सबसे पहले विद्यालय में कार्यरत जूनियर शिक्षकों को हटाकर उन्हें ब्लाक के निकटस्थ विद्यालय में पदास्थापित किया जाएगा। दिव्यांग, गंभीर रोग से ग्रस्त, महिला शिक्षकों को समायोजन प्रक्रिया में उनकी सुविधानुसार उसी ब्लाक में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उधर, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा जनपद के भीतर समायोजन व पारस्परिक स्थानांतरण को लेकर शासनादेश जारी किया गया है। इसको लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से छात्र संख्या समेत जानकारी मांगी गई है।