कैराना। मामौर झील के ओवरफ्लो होकर टूटने से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए तहसीलदार की टीम गांव मामौर में पहुंची। प्रशासन नुकसान की रिपोर्ट शासन को भजेगा। तहसीलदार ने फिलहाल ग्राम प्रधान व राशन डीलर को मामौर झील पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार रात क्षेत्र के ग्राम मामौर में स्थित झील कैराना के गंदे पानी और बारिश के अत्याधिक पानी एकत्र होने के कारण ओवरफ्लो होकर टूट गई थी, इससे गांव निवासी कामिल के मकान में पानी भरने के कारण वह भरभराकर गिर गया था। इसमें परिवार बाल-बाल बचा था। इसके अलावा दर्जनों मकानों में भी झील टूटने से जलभराव हो रहा है। वहीं, किसानों की लगभग छह बीघा भूमि पर खड़ी फसल पानी में डूबी हुई है, जिस कारण किसानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। पीड़ितों ने आरोप लगाए थे कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और झील का पानी अन्य घरों में घुसने के कारण उक्त घरों के लोगों ने दहशत के चलते अपने घरों का सामान दूसरी जगह भेजना शुरू कर दिया था। रविवार को तहसीलदार कैराना रनबीर सिंह लेखपालों की टीम के साथ गांव में पहुंचे। जहां पर उन्होंने जलभराव के कारण गिरे कामिल का मकान का जायजा लिया। साथ ही, अन्य ग्रामीणों के मकानों में हुए जलभराव तथा किसानों की जलमग्न फसलों का भी निरीक्षण किया। तहसीलदार ने जिन घरों में पानी भरा हुआ था, वहां से सामान हटवाकर दूसरे सूखे स्थान पर रखवाया। उन्होंने ग्राम प्रधान नुरदीन व राशन डीलर को निर्देश दिए हैं कि वह झील पर नजर रखे तथा पीड़ित ग्रामीणों का सहयोग करें। तहसीलदार रनबीर सिंह ने बताया कि मामौर आपदा की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी और उन्हें मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।