शामली। ट्रांसपोर्टरों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। यदि हड़ताल आगे भी जारी रही, तो उद्योग और व्यापार पर तगड़ा झटका लगेगा। हड़ताल के पहले ही दिन से परेशानियां शुरू हो गई हैं। कई उद्यमियों का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से कच्चा माल नहीं आया और तैयार माल की सप्लाई भी नहीं हो सकी। वहीं, ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, हड़ताल चलती रहेगी।
डीजल के दाम में वृद्धि और जीएसटी में ई वे बिल व्यवस्था लागू होने के विरोध में ट्रांसपोर्टर उतर आए हैं। इसी के चलते शुक्रवार को प्रदेश भर के ट्रांसपोर्टरों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। शामली में भारत गुड्स कैरियर के संचालक वेदप्रकाश तायल और त्रिवेणी ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डीजल के दामों में वृद्धि हो गई, लेकिन ढुलाई भाड़ा नहीं बढ़ पाया। इस वजह से ट्रांसपोर्टरों के सामने कठिनाई आ गई। इसके अलावा जीएसटी में ई वे बिल को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। किसी भी फैक्ट्री से माल ले जाने के पूर्व ट्रांसपोर्टरों को भी ई वे बिल जेनरेट कराना पड़ रहा है, जबकि ई वे बिल जारी करने में ही कठिनाई हो रही हैं। इससे ट्रांसपोर्टरों को अपना व्यवसाय करना भारी हो गया है। उनकी मांग है कि डीजल की कीमतें कम की जाएं तथा ई वे बिल में ट्रांसपोर्टरों को छूट मिलनी चाहिए। उधर, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के चेयरमैन वेदप्रकाश आर्य का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल होने से फैक्ट्रियों में तैयार माल की सप्लाई नहीं हो सकी। यदि हड़ताल लंबी चली, तो दिक्कत बढ़ जाएगी। क्योंकि कच्चा माल नहीं आएगा, तो फैक्ट्रियों में उत्पादन भी ठप हो जाएगा।