शामली। शहर के दयानंद नगर स्थित जिस मकान संख्या 232 में मतदाता सूची में 89 वोट दर्ज हैं, वह वार्ड के पूर्व सभासद राजीव मलिक का है। करीब 600 गज में बने 10 कमरों के इस मकान में पूर्व सभासद के परिवार के ही 14 लोग रहते हैं। पूर्व सभासद कहते हैं कि 89 मतदाताओं का नाम दर्ज करना समझ से परे है। जांच होनी चाहिए।
वहीं, डीएम ने मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को साैंपी है। उधर, अमर उजाला में खबर छपने के बाद बीएलओ ने लोगों से संपर्क किया और सूची में नाम ठीक कराने का आश्वासन दिया है।
एसआईआर के बाद जिस मकान नंबर 232 में 89 मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं उनमें से एक नाम ट्रांसपोर्टर छोटेलाल का है। उनका मकान 232 से करीब 400 मीटर दूर है। उनके मकान का नंबर 89 है। छोटेलाल ने बताया कि वे 16 वर्षों से अधिक समय से इसी मकान में रह रहे हैं। उनके मकान का नंबर कैसे बदल गया समझ में नहीं आ रहा है।
इसी तरह आईटीबीपी से सेवानिवृत्त देशपाल का मकान नंबर 685 है। उनका भी नाम मकान नंबर 232 में दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि बीएलओ ने एसआईआर फार्म कॉलोनी में आकर भरवाए थे। इसके बावजूद इस तरह की गलती कैसे हो गई इसकी जानकारी नहीं है।
दयानंद नगर के नलकूप के पास रहने वाले अजय कुमार भी मकान नंबर 232 से करीब 600 मीटर दूर रहते हैं। मतदाता सूची में उनका नाम भी मकान नंबर 232 में दर्ज है। अजय कुमार ने बताया कि वे कई वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे हैं। बीएलओ ने फार्म घर आकर भरा था।
एसडीएम सिटी करेंगे जांच
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि एक ही मकान में 89 मतदाताओं का निवास दर्शाया जाना गंभीर मामला है। इसकी जांच एसडीएम सिटी को सौंपी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं बिना मौके पर गए ही बीएलओ ने मतदाता सूची तो तैयार नहीं कर दी। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बीएलओ करा रहीं संशोधन : सभासद
वार्ड के सभासद अनिल उपाध्याय ने बताया कि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीएलओ लक्ष्मी मौके पर पहुंचीं और लोगों से सही मकान नंबर की जानकारी लेकर संशोधन कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है पुरानी सूची के आधार पर नई सूची तैयार कर दी गई हो, जिससे यह गड़बड़ी हुई हो।
एसआईआर से सम्बधित फोटो --- देशपाल मलिक ।
एसआईआर से सम्बधित फोटो --- देशपाल मलिक ।
एसआईआर से सम्बधित फोटो --- देशपाल मलिक ।