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सरकार ने हर वर्ग के लोगों के लिए राहतों का पिटारा

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शामली। केंद्र सरकार के अंतरिम बजट ने हर वर्ग के लोगों के लिए राहतों का पिटारा खोला है। बजट से नौकरी पेशा, किसान, मजदूर, महिलाओं और बुजुर्ग सब पर राहतों की बौछार हुई है। इस बजट से सबसे ज्यादा खुशी नौकरी पेशा लोगों को हुई है। सामान्यत: सरकारी कार्यालयों में एक तृतीय श्रेणी वाला अधिकांश स्टाफ दो से पांच लाख सालाना की सैलरी वाले स्लैब में आ रहा है। अभी तक ढाई लाख से अधिक इनकम वालों को टैक्स देना पड़ रहा था। मगर, अब इन्हें टैक्स से मुक्ति मिल जाएगी। इसका लाभ छोटे व्यापारियों को भी होगा जो तीन से पांच लाख की इनकम के दायरे में आते हैं। उद्यमियों ने भी बजट को उद्योगों के लिए अच्छा बताया। किसानों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है।
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नौकरी पेशे में बचत की आदत पड़ेगी
अभी तक मैं टैक्स स्लैब में थी लेकिन अब इससे राहत मिलेेगी। एफडी के ब्याज में 40 हजार की छूट दी गई है इससे बचत की आदत भी बढे़गी। बजट में पूरी तरह मध्यम वर्गीय परिवार का ध्यान रखा गया है।- निर्मला मलिक, प्रधानाचार्य बीएसएम स्कूल।
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नौकरी पेशा के लिए शानदार बजट
बजट काफी अच्छा है। अधिकांश नौकरी पेशा कर्मचारियों की तीन से पांच लाख रुपये सालाना सैलरी है। इनकम टैक्स का दायरा बढ़ने से उन्हें राहत मिलेगी। - वीरेंद्र रावत, मंडी समिति कर्मी।

60 फीसदी परिवारों को लाभ
60 फीसदी लोगों की इनकम दो से पांच लाख रुपये सालाना होती है। पांच लाख तक टैक्स में छूट होने से अधिकांश परिवारों को लाभ होगा। लोगों में बचत की आदत भी बढे़गी। - साहब सिंह, मंडी समिति कर्मी।
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उधमी-व्यापारियों की प्रतिक्रिया

अभी तक छोटा व्यापारी इनकम टैक्स के डर से पक्के बिल से माल लेने में झिझकता था। इससे उन्हें भी परेशानी होती थी लेकिन टैक्स दायरा बढ़ने से छोटे व्यापारियों में बिल से नंबर एक में काम करने की आदत बढे़गी। मार्केट में नगदी का फ्लो बढे़गा। - प्रवीण गोयल, उद्यमी।

महंगाई को देखते हुए ढाई लाख रुपये सालाना की टैक्स छूट बहुत कम थी। अधिकतर मध्यम वर्गीय परिवार इसी टैक्स दायरे में आता है। पांच लाख की छूट मिलने से मध्यम वर्गीय व्यापारियों को लाभ होगा।- धनराज बंसल पटाखा व्यापारी।

टैक्स में छूट दुगनी करने के साथ डाकघर या बैंक में मियादी जमा पर प्राप्त होने वाले ब्याज में आयकर छूट की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार करने से लोगों में बचत करने की आदत बढेे़गी। ये अच्छा निर्णय है। - पवन संगल, अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार मंडल।

पांच लाख की टैक्स सीमा बढ़ाने का लाभ छोटे और बड़े व्यापारियों को होगा। नंबर एक के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। होम लोन के ब्याज पर छूट दो लाख रुपये तक कर दी गई है, ये भी अच्छा प्रयास है। - राकेश गर्ग, मंडी व्यापारी।
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सरकार द्वारा 25 प्रतिशत अनिवार्य रूप से लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा तीन प्रतिशत सामान महिलाओं द्वारा संचालित लघु एवं मध्यम उद्योगों से खरीदा जाएगा। ये अच्छा निर्णय है।- निखिल एरन, उद्यमी।
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