अमर उजाला ब्यूरो
शामली। तौल कराने आए किसानों ने हंगामा करते हुए बृहस्पतिवार रात शामली चीनी मिल को बंद कर दिया। गुस्साए किसानों ने पिछले साल का बकाया गन्ने का भुगतान कराने की मांग की है। चीनी मिल के अधिकारियों के मुताबिक सुबह नौ बजे शामली चीनी मिल को चालू कराया गया। नौ घंटे मिल बंद होने के कारण 49 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर पाई है।
बृहस्पतिवार की मध्य रात्रि साढ़े बारह बजे पिछले साल का बकाया गन्ने का भुगतान नहीं होने से शामली चीनी मिल में गन्ने का तौल कराने आए किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। हंगामा करते हुए मिल को बंद करा दिया। किसानों का हंगामा देेखते हुए मिल के गन्ना महा प्रबंधक कुलदीप पिलानिया, अतिरिक्त गन्ना महाप्रबंधक नरेश कुमार सहायक गन्ना प्रबंधक कर्णपाल सरोहा, प्रबंधक दीपक राणा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरी रात किसानों का हंगामा चलता रहा। मिल अधिकारियों ने बताया कि शामली चीनी मिल से पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान मांग रहे थे। शुक्रवार सुबह नौ बजे बंद शामली चीनी मिल को चालू कराया गया। सहायक गन्ना महाप्रबंधक कर्णपाल सरोहा, प्रबंधक दीपक राणा ने बताया कि मिल बंद के कारण सुबह तक मात्र 49 हजार क्विंटल की पेराई कर पाई है।
शामली गन्ना समिति कार्यालय में किसानों की भीड़ हुई कम
शामली। किसानों की पर्ची की समस्या का समाधान होने और पक्के कलेंडरों का वितरण होने के बाद शामली गन्ना सहकारी समिति कार्यालय पर किसानों की भीड़ कम हो गई है। सिर्फ समिति कार्यालय में लगे कंप्यूटर गिने चुने किसान पर्ची की जानकारी लेने आ रहे हैं। समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि मेरठ टेंडर के सिस्टम में नया साफ्टवेयर डलने से 50 फीसदी किसानों का डाटा खत्म हो गया। डाटा पूरा करने के लिए समय लगा। डीसीओ डॉक्टर अनिल भारती ने बताया कि किसानों के ज्यादातर पर्चियों की समस्याओं समाधान हो गया है। जिले के किसानों को कलेंडरों का वितरण तेजी से हो रहा है।