जिलेभर में भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। विश्वकर्मा समाज के बुजुर्गों और मेधावी बच्चों को स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने भगवान विश्वकर्मा के सिद्धांतों एवं जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
रविवार को सुबह आठ बजे हनुमान धाम पर विश्वकर्मा मंदिर परिसर में यज्ञ में समाज के लोगों ने आहुति दी। पंडित अरुण गौड़ ने विधि विधान से मुख्य यजमान विकास धीमान, अमित विश्वकर्मा, कमलकांत, कुलदीप विश्वकर्मा, चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा आदि को पूजन संपन्न कराया। विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष घनश्याम जागिड़ की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने समाज के संरक्षक रघुवीर आर्य, पूर्णचंद आर्य, विद्यानंद विश्वकर्मा, विजय धीमान, वैद्यनाथ धीमान तथा 35 मेधावी छात्र- छात्राओं का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सलेक चंद आर्य, चतर सिंह जागिड़, त्रिलोक चंद जागिड़ रवि विश्वकर्मा, चंद्रप्रकाश धीमान, महेश धीमान, शुभम जागिड़ ,रवि धीमान, सन्नी, राजेंद्र, विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, रमेश विश्वकर्मा समेत विश्वकर्मा समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था के महामंत्री सुभाष धीमान ने किया। मेरठ-करनाल मार्ग पर विश्वकर्मा मंदिर आनंद भवन में सुबह साढ़े आठ बजे हवन पूजन एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया।
भगवान विश्वकर्मा के जीवन पर प्रकाश डाला गया। उनके बताए गए सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया गया। इस मौके पर पूर्णचंद आर्य ने यज्ञ संपन्न कराया। इस मौके पर रघुवीर आर्य, वेद प्रकाश आर्य, राजपाल जागिड़, महेश धीमान हरिप्रकाश विश्वकर्मा आदि लोग मौजूद रहे। भगवान विश्वकर्मा की आरती के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया। दोपहर 12 बजे शहर मेरठ- करनाल मार्ग पर आनंद भवन, धीमानपुरा स्थित विश्वकर्मा मंदिर, टंकी रोड स्थित श्री विश्वकर्मा पार्क में भंडारे आयोजित किए गए। हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
उधर, कस्बा ऊन और आसपास के गांव में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। ऊन में यज्ञ किया गया और बाद में विश्वकर्मा जयंती पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान रमन पांचाल, राजकुमार, ओमवीर, नीरज, मदन आदि लोग मौजूद रहे ।