शामली। जिले में काफी लोग संक्रामक बीमारियों के चपेट में हैं। हर घर में कोई न कोई परिवार का सदस्य बीमार है। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण भी लोग काफी संख्या में बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य महकमे ने संक्रामक बीमारियों से फैलने के रोकने के लिए एक अभियान चलाया। लोगों से घरों में कूलरों और किसी स्थान पर पानी एकत्र नहीं होने की हिदायत दी। इसी कड़ी में तीन दिन से अधिक जलभराव में पैदा होने वाले लार्वा के प्रति समाज को जागरूकता का पाठ पढ़ाने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही अनभिज्ञ मिले। डीएम ने आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण किया तो कूलरों में मच्छरों का लार्वा का मिल गया। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई।
संक्रामक बीमारियों के कारण लोगों में दहशत है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित लोगों की भीड़ लगी रह रही है। अधिकतर लोग डेंगू, मलेरिया और वायरल से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान की हकीकत जानने के लिए रविवार की सुबह जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने सरकारी अस्पताल की आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था की जांच की। उन्होंने वहां कर्मचारियों के आवासों में लगे कूलरों की जांच की। अस्पताल में तैनात एक्सरे टेक्नीशियन विनोद तथा एलटी अशोक कुमार के कूलर में मच्छरों का लार्वा मिल गया। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिस विभाग के कंधों पर समाज के स्वास्थ्य और जागरूकता का भार है, उसी विभाग के लोग इस जागरूकता से अनभिज्ञ हैं, यह चिंता का विषय है। उन्होंने सीएचसी प्रभारी डाक्टर जगमोहन से अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए साथ दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
और जब डीएम ने खुद बनाई जांच
अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद बाहर आए डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने अस्पताल के मेन गेट पर चाय बनाने वाले संजय के खोखे पर पहुंचे। डीएम को देखकर देखकर एक बार तो चायवाला डर गया, लेकिन डीएम ने उससे जाकर कहा कि मुझे चाय बनानी है। इसके बाद डीएम ने चाय बनाई। चूंकि संजय को शुगर है, इसलिए डीएम ने उसको फीकी चाय पिलाई। इसके बाद चीनी डालकर अस्पताल के डॉक्टरों को चाय बनाकर पिलाई।