शामली/ऊन। जिले में सभी 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को उपचार दिया। इस दौरान नजला, जुकाम, बुखार और त्वचा रोगियों के मरीज ज्यादा रहे। सभी पीएचसी पर 1279 मरीजों को उपचार दिया गया। इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के 421 गोल्डन कार्ड बनाए गए।
रविवार को जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेले में सुबह दस बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। शहर में मोहल्ला बरखंडी स्थित अरबन पीएचसी में डाॅ. उदित भटनागर व फार्मासिस्ट मनु शर्मा ने मरीजों की जांच कर उपचार दिया। इस दौरान 42 मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया। वहीं छह गर्भवती महिलाओं जांच की गई, एक डिलीवरी भी हुई। इसके अलावा आठ मरीज खांसी, जुकाम व बुखार के आए। छह मरीज त्वचा संबंधी खाज, खुजली, पेट में दर्द व शरीर में जकड़न के पहुंचे। मोहल्ला पंसारियान स्थित अरबन पीएचसी में डॉ. सादिया सदफ ने मरीजों की जांच कर उपचार दिया। इस दौरान कुल 81 मरीज आए। इनमें 24 गर्भवर्ती महिलाओं की जांच हुई। इसके अलावा बुखार के पांच, एलर्जी के आठ, शुगर के तीन मरीज व बाकी अन्य बीमारियों के मरीज आए। सभी मरीजों को दवा दी गई। जिले में सभी 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 1279 मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया। इनमें 376 पुरुष, 569 महिला और 334 बच्चे उपचार कराने पहुंचे। आरोग्य मेले में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के 421 गोल्डन कार्ड बनाए गए।
ऊन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष्मान आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मेले में आए मरीजों की जांच कर दवा दी गई। मेले में 27 मरीजों को उपचार दिया गया। ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी, नजला, जुकाम से पीड़ित थे। सभी मरीजों को जांच उपरांत उपचार दिया गया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. तरुण ने बताया कि ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी व जुकाम के आए है।