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केबल उपभोक्ता

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पसंदीदा चैनल देखने के लिए उपभोक्ताओं की जेब करनी होंगी ढीली
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। प्रसारण सेवाओं की नई शुल्क व्यवस्था केबल उपभोक्ताओं को भारी पड़ रही है। अब उन्हें अपने पसंदीदा चैनल देखने को पहले से ज्यादा शुल्क देना पड़ेगा। यही वजह है कि उपभोक्ता असमंजस में हैं । वे बाजार से डिश के पैैकेज भी पता कर रहे हैं। यही वजह है कि 10 हजार में करीब 75 ने ही चैनल चुने हैं। केबल आपरेटर भी चिंतित हैं। वे ग्राहक को जोड़े रखने को खुद सस्ते पैकेज बनाकर अपने उपभोक्ताओं के यहां डोर टू डोर जा रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा।
ट्राई के नियमानुसार नई शुल्क व्यवस्था शुक्रवार से लागू होनी थी। इसमें ग्राहक को उसकी पसंद के चैनल चुनने का वक्त दिया गया था, उसी के हिसाब से उसे शुल्क देना था, लेकिन ये नई व्यवस्था केबल उपभोक्ताओं को महंगी पड़ रही है। इस कारण वे चैनल चुनने से कतरा रहे हैं। ट्राई ने चैनल चुनने के लिए सात दिन का समय बढ़ा दिया था, लेकिन इसके बाद भी उपभोक्ता शांत हैं। शहर के मुख्य केबल आपरेटर सुभाष कुमार के अनुसार उनके करीब 10 हजार उपभोक्ताओं में से केवल 75 ने ही पैकेज लिए हैं।
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दरअसल अभी तक शहर में केबल उपभोक्ताओं से 150 से 180 रुपये तक मासिक शुल्क लिया जा रहा था। इसमें एयर फ्री के 100 अलावा अधिकांश सीरियल, स्पोर्ट्स ,न्यूज आदि के अधिकांश पेड चैनल दिखाए जा रहे थे, लेकिन नई प्रसारण व्यवस्था में जीएसटी मिलाकर 154 रुपये केबल आपरेटर की सेवा के फिक्स कर दिए गए हैं। इसके बदले वे फ्री सुविधा वाले करीब 100 चैनल दिखाएंगे। इसके अलावा अपनी पसंद के चुने गए चैनल्स देखने को जीएसटी समेत शुल्क अलग देना होगा। ऐसे में तमाम पसंद के चैनल चुनने का पैैकेज 300 रुपये के आसपास पड़ रहा है।
154 रुपये लग रहे भारी
प्रवीण कुमार, देवेंद्र, अंकुर ,संजय गुप्ता आदि ने बताया कि चैनल के पैकेज तो उसके बजट में लग रहे हैं, लेकिन केबल ऑपरेटर द्वारा लिए जाने वाले 154 रुपये काफी अधिक हैं। अभी तक केवल 150 रुपये में सभी चैनल मिल रहे थे। अब दुगना देना पड़ेगा।
बाजार में डिश के पैकेज पता कर रहे लोग
दरअसल उपभोक्ता बाजार में विभिन्न कंपनियों की डिश के पैैकेज पता करने में लगे हैं। दरअसल, अभी तक कुछ डिशन कंपनियों द्वारा पूरे साल का पैकेज दिए जा रहे थे उनमें अधिकांश पेड चैनल थे । ये पैकेज ही लोगों को 200 से 220 रुपये महीना तक पड़ रहा था। ऐसे में उपभोक्ता बाजार में ये डिश कनेक्शन के रेट पता कर रहे हैं। देख रहे हैं कि क्या सस्ता पड़ेगा। यही वजह है कि ग्राहक चैनल नहीं चुन रहे। यही केबल आपरेटन की चिंता है।
सस्ते पैकेज बनाकर डोर टू डोर जा रहे आपरेटर
दरअसल केबल आपरेटर्स को भी चिंता है कि कहीं उनके उपभोक्ता केबल कनेक्शन की बजाय डिश पर ना चले जाएं। लिहाजा वह भी उपभोक्ताओं की पसंद को देख सस्ते पैकेज अपने स्तर पर बनाकर डोर टू डोर उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। केबल आपरेटर सुभाष कुमार के अनुसार उन्होंने भी करीब 250 रुपये के आसपास का पैकेज बनाया है। वर्तमान में चल रहे यदि सभी चैनल का प्रसारण किया जाए तो ये पैकेज करीब 375 रुपये का बैठता है। आपरेटर्स का प्रयास है कि किसी तरह उनका कारोबार बचा रहे।
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अभी तक एकमुश्त देते थे शुल्क
केबल आपरेटर सुभाष कुमार के अनुसार अभी तक वह लोग शहर के हिसाब से संबंधित चैनल की कंपनी को एकमुश्त धनराशि का भुगतान करते थे, लेकिन अब उन्हें भी उपभोक्ता की पसंद के हिसाब से चुने गए चैनल का भुगतान करना होगा। इसमें उन्हें जीएसटी काटकर 130 रुपये मिल रहे हैं । आपरेटर्स का कहना है कि सात फरवरी तक चैनल नहीं चुनने वालों के लिए यदि समय सीमा नहीं बढ़ी तो पेड चैनल का प्रसारण बंद कर दिया जाएगा।
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