ऊन तहसील संघर्ष समिति की ओर से किसानों ने ऊन रोड स्थित काठा नाला पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जब तक काठा को नहर का दर्जा नहीं मिलेगा और पानी नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
समिति के संयोजक तेजपाल गुर्जर हथछौया ने बताया कि क्षेत्र डार्क जोन घोषित होने के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई करने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा विद्युत निगम कनेक्शन भी नहीं दे रहा है। गांव श्यामली श्यामला के पूर्व प्रधान उग्र सिंह चौहान ने बताया कि सपा सरकार में काठा नदी की साफ सफाई कराने के बाद नहर बनाकर पानी छोड़ने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। लेकिन सरकार बदलने के साथ ही उक्त योजना भी बंद कर दी गई। किसानों ने कहा कि जब तक काठा नदी को नहर का दर्जा देकर उसमें पानी नहीं छोड़ा जाता तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान कंवरपाल गागोर, महिपाल बझेड़ी, बाबूराम कोरी, राकेश लहरीपुर, किरणपाल वाल्मीकि, राजबीर सिंह, तेजपाल गुर्जर, रामकिशन बझेड़ी, उग्र सिंह चौहान, पप्पू नायक, सोमपाल, सहंसरपाल आदि किसान मौजूद रहे।