गांव कसेरवा कलां में सामवेद ब्रह्म परायण यज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने वैदिक प्रचार की उत्कृष्ट सेवा के लिए योगाचार्य अरविंद शास्त्री को अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया।
मंगलवार को कसेरवा कलां गांव में आयोजित कार्यक्रम में संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि समाज सुधार के लिए गांव-गांव ऋषि दयानंद की आवाज पहुंचनी चाहिए। वैदिक संस्कृति की उपेक्षा से समाज में ढोंग, पाखंड, अंधविश्वास बढ़ा है। वेदों का ज्ञान, विज्ञान ही मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। यज्ञ और योग भारतीय संस्कृति की विश्व को अनमोल देन है। शुद्ध पौष्टिक तत्वों और गाय के घृत (घी) से किया यज्ञ जीवन को निरोगी, दीर्घायु तथा आत्मिक शांति देता है। यज्ञ से आत्मा और अन्त:करण में दिव्य गुणों का प्रादुर्भाव होता है। यज्ञ ब्रह्मा योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि वेद सनातन सत्य है। विश्व की संस्कृति, सभ्यता, धर्म, सदाचरण, संपूर्ण ज्ञान परमात्मा ने प्राणिमात्र के कल्याण को वेदों के माध्यम से दिया है। संसार में सब विधाएं वेदों से फैली हैं। युवा यज्ञ और योग को अपनाएं, जीवन में नई क्रांति आएगी। इस दौरान लक्ष्मी चंद आर्य, रामपाल आर्य, गुलाब सिंह आर्य, सागर आर्य आदि ने विचार रखे। वेदपाठ ब्रह्मचारी ऋषि एवं रोहित शास्त्री ने किया। यज्ञमान अजय और अर्चना रहे।