नगर निकाय चुनाव में पोलिंग पार्टियों व पुलिस बल को लाने व पहुंचाने में रोडवेज की बसों को लगाया जाएगा। प्रथम चरण, दूूसरे, तीसरे चरण के मतदान के लिए रोडवेज बसों की मांग शुरू हो गई है। रोडवेज बसों के चुनाव ड्यूटी में जाने के बाद शादी- विवाह के सीजन में रोडवेज बसों का टोटा हो जाने के बाद मुसाफिरों को मुसीबतें झेलनी पड़ेगी।
नगर निकाय चुनाव का पहले चरण का मतदान 22, दूसरा चरण 26, व तीसरा चरण 29 नवंबर को होगा। नगर निकाय चुनाव में प्राइवेट- रोडवेज बसों के अलावा छोटे बड़े वाहनों को अधिग्रहण कर लिया जाता है। निकाय चुनाव के सभी तीन चरणों के लिए परिवहन निगम के अधिकारियों से संबंधित जिलों से रोडवेज बसों को मांग करनी शुरू कर दी। शामली जिले के लिए 12, सहारनपुर जिले के 30 व मुजफ्फरनगर जिले के लिए 22 रोडवेज बसों की मांग की गई है। हालांकि शामली जिले के प्रशासन ने नगर निकाय चुनाव के लिए एआरओ टीओ से कुल 210 हलके व भारी वाहनों की मांग की है, जिसमें 78 प्राइवेट बस, 71 हल्के वाहन, 17 पुलिस वाहन, 31 सेक्टर व 12 जोनल मजिस्ट्रेट वाहन शामिल है। नगर निकाय चुनाव में दस दिन से ज्यादा रोडवेज- प्राईवेट बसों के जाने से प्रमुख मार्गों पर रोडवेज बसों का टोटा हो जाएगा। परिवहन निगम के एआरएम यजुर्वेंद्र ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर मतदान से पांच दिन से लेकर सात दिन पूर्व तक रोडवेज बसों के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो जाती है। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के लिए भारी वाहनों को दो दिन पूर्व अधिग्रहण करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।