आहत शिक्षामित्रों का धरना चौथे दिन भी बीएसए कार्यालय पर जारी रहा। धरनास्थल पर हुई सभा के दौरान शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से फिर से शिक्षकों का मान सम्मान वापस दिलाने की मांग की है।
शनिवार को बनत स्थित बीएसए कार्यालय पर शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन जारी रहा। चैनपाल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से एक्ट में संशोधन कर फिर से सहायक पद पर भेजकर उनका मान सम्मान वापस दिलाने की मांग की है। शिक्षामित्रों ने कहा कि हम अपना मान सम्मान वापस लेकर रहेंगे। इस दौरान आदेश चौधरी, अमित, उपकार, इरफान, नूरहसन, अनुप्रिया, सविता, मीरा, मीनाक्षी, रीनू, सविता, अनु, कमल आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता तनसीफ अहमद और संचालन अनुज शर्मा ने किया। उधर, शिक्षामित्रों के धरने पर शनिवार को पूर्व विधायक पंकज मलिक और जिला पंचायत अध्यक्ष के पति प्रसन्न चौधरी भी पहुंचे। प्रसन्न चौधरी ने कहा कि मैं सभी की पीड़ा समझ रहा हूं। शिक्षामित्रों के आंदोलन का समर्थन करता हूं। वहीं, पंकज मलिक ने कहा कि किसी भी शिक्षामित्र को आत्महत्या करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां बैठने से कुछ नहीं होगा। यह धरना प्रदर्शन मंत्री और सांसद के घरों के सामने करो, तब जाकर उन्हें कुछ एहसास होगा। उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ हूं, जहां भी मेरे सहयोग की जरूरत होगी, साथ चलने को तैयार हूं।
स्कूल कार्यप्रभारी शिक्षामित्रों के खाते पर लगा दी रोक
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद जिन स्कूलों में समायोजित शिक्षामित्रों को स्कूल कार्यप्रभारी बनाया गया था, उन सभी के खातों पर रोक लगा दी गई है। जनपद में ऐसे लगभग 68 स्कूलों में ऐसे शिक्षामित्र थे, जिनके खातों के आहरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई, जिससे कोई भी शिक्षामित्र खाते से कोई भी धनराशि न निकाल सके। जल्द ही बंद चल रहे स्कूलों मेें तैनात किए गए शिक्षकों के नाम खाते ट्रांसफर हो जाएंगे।