शामली। निर्मल हिंडन पहल व मुख्यमंत्री कायाकल्प अभियान के तहत करमूखेड़ी में बन रहे दक्कन अरंडी तितली अभ्यारण्य अगले साल पूरा हो जाएगा। सीडीओ विवेक त्रिपाठी ने निरीक्षण करके पूरा काम देखा।
जिले में निर्मल हिंडन कार्यक्रम के तहत डीएम इंद्र विक्रम सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे नदी, पोखर व वन्य जीव पुनर्स्थापना अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत करमू खेड़ी में सिंचाई और वन विभाग के साथ मिलकर स्थानीय रूप से पाई जाने वाले दक्कन अरंडी तितली अभ्यारण्य का विकास कर रहा है। सोमवार को सीडीओ विवेक त्रिपाठी ने करमूखेड़ी व लिलौन का दौरा किया और परियोजना के प्रथम चरण की जानकारी ली। उन्होने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बनाई गई इस योजना का प्रथम चरण पूरा कर लिया गया है। जिसके तहत पूर्वी यमुना नहर से आने वाले स्वच्छ जल में मिलने वाले कंडेला औद्योगिक केंद्र के कारखानों के प्रदूषित जल को खेडी जलधारा में गिरने से रोक दिया गया है। कारखानों के प्रदूषित जल के लिए अलग से एक नाला बनाया गया है। नमामि गंगे व निर्मल हिंडन परियोजना के जिला समन्वयक प्रोफेसर उमर सैफ ने बताया कि दो हेक्टेयर भूमि में ग्राम सभा, वन विभाग, इंडिया वाटर पार्टनरशिप व ग्रीन इंडिया कार्पोरेशन के सहयोग से यहां पायी जाने वाली दक्कन अरंडी नस्ल की तितली के रहने का परिवास का विकास कर रहे हैं। इसके प्रथम चरण में तीन हजार से ज्यादा पौधे रोपित किए है, और अब तितलियों के पुर्नवास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 2019 तक ये अभ्यारण्य तैयार हो जाएगा। दौरे के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना से संबंधित अधिकारियों को तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए है।