किसानों के हितों की लड़ाई के लिए भारतीय किसान यूनियन हमेशा आगे रही है। अगर किसानों को समस्याओं का हल कराना है तो किसानों को एकजुट होना होगा। बड़े आंदोलन के लिए किसान तैयार रहे। भाकियू हरिद्वार से दिल्ली तक किसान संघर्ष यात्रा निकालेगी। जिसके लिए सभी किसान भाई तैयार रहे।
जलालाबाद में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर किसान नेता राशिद चौधरी की कृषि यंत्र शाला पर भाकियू की किसान संघर्ष यात्रा को लेकर सभा हुई। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया। कहा कि सभी किसान जाति, धर्म से ऊपर उठकर अपने हितों के लिए आगे आएं। सरकार की गलत नीतियों के कारण उसे उसकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं मिलने के चलते आज देश का अंनदाता कहा जाने वाला किसान आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़ा हुआ है। कोई भी सरकार आए परंतु किसानों को उसकी फसल का वाजिब दाम समय पर नहीं मिलता। उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री भी इसी क्षेत्र से होने के बावजूद किसान को गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो सका।
इसके लिए भारतीय किसान यूनियन आगामी 23 सितंबर से बड़े आंदोलन के रूप में किसान संघर्ष यात्रा हरिद्वार से प्रारंभ करेगी। यह दो अक्तूबर को दिल्ली के किसान घाट पर जाकर संपन्न होगी। सरकार को किसानों के हितों के लिए नीतियां बनवाने को मजबूर होना पड़ेगा। टिकैत ने किसानों से खुद खेत पर मेहनत करने व अपने बच्चों को भी खेतों पर ले जाकर खेती करने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी। साथ ही अपने बच्चों को नशे से दूर रखने पर भी बल दिया। मौके पर किसान यूनियन भानू गुट से किसान पदाधिकारी राशिद चौधरी के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन में शामिल हुए। अध्यक्षता क्षेत्र के किसान चौधरी खजान सिंह व संचालन मास्टर जाहिद हसन ने किया। इस दौरान देशबंधु कौशिक, ठाकुर रकम सिंह, राजकुमार शर्मा, प्रवीन सैनी, रविंद्र कुमार, बाबू यामीन, यासीन अहमद, श्याम सिंह, रविंद्र गर्ग, नाजिम मलिक, अर्जुन रावडा, कन्नू, कुरैशी, साजिद अहमद, अफजाल, कासिम अहमद आदि मौजूद रहे।