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ज्यादा धान की फसल के आंकडो का खेल:

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शामली। कृषि विभाग की टीम के सर्वेक्षण के बाद धान की फसल के फर्जी आंकड़ों का खेल उजागर हुआ है। सही आंकडे़ के लिए जिला प्रशासन लेेखपालों की टीम के माध्यम से खसरे के आधार पर धान का सर्वेक्षण कराएगा।
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शामली जिले में पिछले सात सालों से धान का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से लेकर 20 हजार हेक्टेयर रकबा चला आ रहा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष उत्पादकता 28.19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, 2017-18 में धान का 20 हजार 442 हेक्टेयर, उत्पादन, छह लाख पांच हजार 600 क्विंटल व उत्पादकता 29.63 क्विंटल प्रति हेक्टेयर वर्ष 2018-19 में धान का लक्ष्य 20 हजार 341 हेक्टेयर रकबा शासन की ओर से निर्धारित किया है। इस साल धान की फसल का कृषि विभाग द्वारा अपनी टीम से जिले में सर्वेक्षण कराया गया तो चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। कृषि विभाग की ओर जिले में धान का सर्वेक्षण में 6483 हेक्टेयर धान का रकबे की जानकारी हुई।
उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी ने बताया कि धान का रकबे जो आंकड़ा शामली जिले में पूर्व वर्षों से चला आ रहा है। वह मुजफ्फरनगर जिले का है। मुजफ्फरनगर जिले का आंकड़ा शामली जिले के कृषि विभाग के आंकड़ों में दर्ज हो गया है। शामली जिले का धान का आंकड़ा विपणन विभाग के कार्यालय में छानबीन कराया तो वहा भी कृषि विभाग का आंकड़ा प्राप्त हुआ है। उधर, कृषि विभाग की ओर से डीएम को पत्र लिखकर खसरा के आधार पर किसानों के धान के खेतों का लेखपालों के माध्यम से सर्वेक्षण कराने की संस्तुति की गई है। डीएम के निर्देश पर सभी एसडीएम को धान के सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं। जिले में लेखपालों की सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही जिले में धान की फसल के सही आंकड़े सामने आ जाएंगे।
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किसान जितेंद्र हुड्डा का कहना है कि जिले के विपणन विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 में धान की मात्र 930 क्विंटल खरीद हो पाई थी। विपणन विभाग द्वारा जिले में ज्यादातर कामन धान की खरीद की गई थी। जिले में कामन धान से ज्यादा बासमती धान की बुआई की जाती है। बासमती धान को जिले का किसान हरियाणा की मंडियों बेचते हैं। उधर, उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि शामली जिले में धान का रकबा ज्यादा है। उनके कार्यकाल में कृषि विभाग की टीम द्वारा धान का सर्वेक्षण शुरू किया गया जो पूरा नहीं हो पाया था। कृषि विभाग को धान का सही आंकड़ा शासन को भेजना होगा। उसके बाद धान का गलत आंकड़ा संशोधित हो पाएगा।
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