कैराना (शामली)।
जबरन फसल काटने के विरोध पर यूपी के किसानों पर जानलेवा हमला करने, झोपड़ी और डीजल इंजन को आग लगाने के मामले में हरियाणा के पांच आरोपी किसान बुधवार को कैराना कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी और जेल भेज दिया।
अप्रैल 2017 में यूपी-हरियाणा सीमा पर फसल काटने के दौरान हरियाणा के कुछ किसानों ने यूपी के गांव मवी के किसानों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। साथ ही डीजल इंजन और दो झोपड़ियों में आग लगा दी थी। बाद में यूपी के गांव मवी निवासी अतर सिंह ने कैराना कोतवाली पर हरियाणा के गांव रीशपुर के सरपंच रविंद्र सहित 17 नामजद और अन्य अज्ञात के विरुद्ध जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में हरियाणा के थाने में भी यूपी के किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। यूपी के किसान अतर सिंह के अधिवक्ता मुनेंद्र सिंह ने बताया कि कैराना पुलिस द्वारा मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई थी। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखे थे। जिनमें से एक आरोपी पूर्व में कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया था। जबकि सोमवार को कृष्ण, अशोक, सुनील, मोहर सिंह और सतबीर निवासी रीशपुर ने सरेंडर किया। इन पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया।
वहीं, सोमवार को भी आरोपी पहल सिंह, कृपाल, बलवान, शीशपाल और बिशंबर निवासी रीशपुर ने कैराना कोर्ट में सरेंडर किया। कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले में रीशपुर के सरंपच रविंद्र सहित छह आरोपी अभी भी फरार हैं।