महिलाओं को शिक्षित करना जरूरी
कैराना (शामली)। विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों में शिविर चल रहा है। शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने स्त्री जागरूकता के विषय में जनता के बीच सर्वेक्षण का कार्य किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के तीनों इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारियों ने स्त्री साक्षरता सर्वे के ब्लू प्रिंट को तैयार किया। इसके अनुसार स्वतंत्रता के समय भारत में साक्षरता दर मात्र 12 प्रतिशत थी। जो अब बढ़कर लगभग 74 प्रतिशत है। एक तो यह विश्व की औसत दर से बहुत कम है। दूसरा इसके वितरण में भारी विषमता है। कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवकों ने बदलूगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जा कर लोगों से प्रश्नों के माध्यम से आंकडे़ एकत्र किए । राखी, इमरान, तस्कीर चौहान, तबस्सुम, प्रभा, शादमानी नैना, सारा अंसारी, गुलशबा, सौरभ, विजय, कपिल और अमित चौहान ने इस सर्वे कार्य को तत्परता के साथ संपन्न किया । इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार ने भारत में स्त्री साक्षरता के इतिहास पर प्रकाश डाला। मोहित मलिक ने बताया कि स्त्री साक्षरता के कारण समाज में उत्तरदायित्व की चेतना का प्रसार होता है और लोकतंत्र की प्रक्रिया को मजबूती मिलती है। डाक्टर शिशुपाल ने कहा कि स्त्री साक्षरता के किसी पाठ्यक्रम में तकनीकी और कंप्यूटर शिक्षा का समावेश जरूरी है। क्योंकि इनकी शिक्षा ही उन्हें सूचना क्रांति युग में सीधे प्रवेश का द्वार मुहैया करा सकती है।