राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल जनपद शामली में दस साल पुराने डीजल चलित 351 भारी वाहनों पर करीब दो करोड़ 16 लाख रुपये टैक्स बकाया है। ये वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है या किस स्थिति में है? सहायक संभागीय परिवहन विभाग इससे अनजान है। अब विभाग ने इन वाहनों को सूचीबद्ध करते हुए बकाया टैक्स जमा न करने वालों की आरसी जारी करने का निर्णय लिया है।
शामली जनपद के एनसीआर में शामिल होने के कारण डीजल चलित दस साल पुराने वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी जिले में दस साल पुराने डीजल चलित वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है। सहायक संभागीय परिवहन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक जिले में दस साल पुराने करीब 351 डीजल चलित ऐसे माल वाहक भारी वाहन है, जिनकी वर्तमान स्थिति के बारे में कोई पुख्ता जानकारी विभाग के पास नहीं है। इन वाहनों पर करीब दो करोड़ 16 लाख रुपये टैक्स के रूप में सरकारी राजस्व बकाया चल रहा है। इन वाहनों से टैक्स वसूली के लिए विभाग ने अब वाहन स्वामियों की आरसी जारी करने का निर्णय लिया है। साथ ही इन वाहनों की तलाश की जाएगी। जो वाहन सड़क पर दौड़ते मिलेंगे, उन्हें पकड़कर बंद किया जाएगा। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि जिले में दस साल पुराने माल वाहक ऐसे भारी वाहनों की सूची तैयार की गई है, जिन पर टैक्स बकाया है। उन्होंने ऐसे वाहन स्वामियों से कहा गया कि वे अपना टैक्स जमा कराकर उनका पंजीयन निरस्त कराए या एनओसी लेकर दूसरे जनपदों के लिए एनओसी ले जाएं। बकाया जमा न करने पर वाहन स्वामियों के वसूली पत्र जारी किए जाएंगे।