दरोगा ने की ये टिप्पणी
परिजनों का आरोप है कि उपनिरीक्षक जोगेंद्र ने टिप्पणी की कि कीड़े-मकोड़े तो रोज मरते हैं। इस पर परिजन उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। एसडीएम जीत सिंह राय व सीओ इशिका सिंह ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें समुचित न्यायिक कार्रवाई का आश्वासन दिया और तकरीबन एक घंटे बाद जाम खुलवाया।
भीड़ के सीएचसी पहुंचने पर महिला डॉक्टर को वहां से हटा दिया गया। परिजन आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग कर रहे थे। एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण भी मौके पर पहुंचीं और जानकारी ली। सीओ इशिका सिंह ने बताया कि मृतक के पिता अजीत पांडेय की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बीएससी की पढ़ाई कर रहे थे अंशुल
अंशुल पांडेय के शव को देख पिता अजीत पांडेय, मां मिथिलेश, बहन डॉली पांडेय और स्वाति पांडेय का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। परिजनों ने बताया कि अंशुल बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। उनकी बहन डॉली पांडेय शहर की एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करती हैं। उन्हीं को बस पर बैठाकर वापस घर जाने के दौरान तिराहे पर खड़े हो गए थे।
महिला डॉक्टर को मिली जमानत
पुलिस ने हादसे के बाद अज्ञात कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस के मुताबिक, बाद में चालक का नाम बढ़ाया जाएगा। डॉ. अंकिता शाहजहांपुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं। वह बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर की रहने वाली हैं। उनके पति आदित्य मर्चेंट नेवी में हैं और बेल्जियम में तैनात हैं। पिता प्रॉपर्टी डीलर हैं। शाम को अंकिता को शांतिभंग में एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत दे दी गई।
दरोगा की टिप्पणी से ज्यादा भड़का माहौल
हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ एकत्र हो गई थी। मौके पर पहुंचे दरोगा जोगेंद्र की टिप्पणी के बाद माहौल बिगड़ गया। जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो परिजनों ने दरोगा की शिकायत की। सीओ की रिपोर्ट के बाद एसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, जोगेंद्र का कहना है कि भीड़ काफी आक्रामक थी। महिला डॉक्टर की सुरक्षा के लिए उन्हें वहां से हटा दिया गया था। महिला को वहां से हटाने पर ही परिजन नाराज हुए थे। उन्होंने किसी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है। वहीं, एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि उपनिरीक्षक की शिकायत आने के बाद उसे लाइन हाजिर किया गया है।