तिलहर (शाहजहांपुर)। कपसेड़ा गांव का रामू कश्यप सोमवार सुबह प्रेमिका से शादी करने की जिद में लखनऊ-दिल्ली हाईवे के किनारे कछियानी खेड़ा में एक डिग्री कॉलेज के पास लगे 110 मीटर ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसे टावर पर चढ़ा देख भीड़ इकट्ठा हो गई। इस दौरान हाईवे पर जाम जैसे हालात बन गए और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, बाद में वीडियोकॉल पर युवती और उसके परिजनों से शादी की सहमति मिलने पर वह सात घंटे बाद टावर से नीचे उतर आया और बेहोश हो गया।
बताया गया कि टावर पर चढे रामू कश्यप का जैतीपुर क्षेत्र के एक गांव में अपनी मौसी के घर आना-जाना है। वहां मौसी के घर के पास रहने वाली एक युवती से उसका प्रेम प्रसंग हो गया। रामू और युवती के घर वाले शादी को तैयार नहीं थे। इस बात से नाराज रामू सुबह करीब आठ बजे अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ गया।
सीओ ज्योति यादव और प्रभारी निरीक्षक जुगल किशोर पाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी रामू को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह युवती से शादी का आश्वासन मिलने पर ही नीचे उतरने की जिद पर अड़ा रहा।
अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे युवती और उसके परिजनों ने युवक से वीडियोकॉल के जरिये बात कर शादी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह टावर से नीचे उतर आया, लेकिन सात घंटे तक भूखे-प्यासे धूप में रहने के कारण जमीन पर आते ही बेहोश हो गया।
पुलिस ने उसे तत्काल सीएचसी भेजकर वहां भर्ती कराया। युवक के नीचे उतरने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। प्रभारी निरीक्षक जुगल किशोर पाल ने बताया इस मामले में टावर का चौकीदार भी जवाबदेह है। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद हिरासत में लिए गए रामू से पूछताछ की जा रही है।
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टावर पर चढ़ने को आमादा शराबी युवक को पुलिस ने दबोचा
तिलहर। सुबह से टॉवर पर चढ़े युवक को पुलिस जैसे-तैसे नीचे बुलाकर राहत की सांस भी नहीं ले पाई कि वहां एक अन्य शराबी युवक पहुंचकर टावर पर चढ़ने को आमादा हो गया। पुलिस ने उससे इसकी वजह पूछी तो उसने गेहूं का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। पुलिस के बार-बार पूछने पर भी युवक ने अपना नाम-पता नहीं बताया। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले गई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि युवक शराब के नशे में होने के कारण अपनी पहचान छिपा रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है। संवाद
तिलहर में मोबाइल टावर पर चढ़ा रामू कश्यप। संवाद