एसएस कॉलज में आयोजित व्याख्यान को संबोधित करते डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्या
- एसएस कॉलज में हुआ व्याख्यान का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। एसएस कॉलज में नौ दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को सातवें दिन सार्वजनिक जीवन में विधि एवं नैतिकता की भूमिका विषय पर व्याख्यान हुआ।
मुख्य वक्ता व लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बलराज चौहान ने कहा कि आध्यात्मिकता से हम अपनी सोच बदल सकते हैं। इससे हमें सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। विधि का नैतिक होना जरूरी नहीं है, लेकिन यदि कोई विधि नैतिकता पर आधारित नहीं होती है तो समाज उसे अस्वीकार कर देता है।
कार्यक्रम अध्यक्ष विधान परिषद सदस्य विद्यासागर सोनकर ने कहा कि समाज में नैतिकता और विधि साथ-साथ चलते हैं। अमरोहा के हाशमी लॉ कॉलेज की प्राचार्य डॉ. राना परवीन ने विधि और नैतिकता के बीच संबंध को बताया।
इस मौके पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता चिन्मयानंद, प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार आजाद, उप प्राचार्य डॉ. अनुराग अग्रवाल, एसएस लॉ कॉलेज प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा, संगीत विभाग की डॉ. प्रतिभा सक्सेना, डॉ. अनिल कुमार शाह, डॉ. अमित कुमार यादव आदि मौजूद रहे।