तिलहर। मनुष्य के शरीर में कोई भी रोग तथा चित्त में कोई भी विकार हो, योग से हमारे शरीर व चित्तगत समस्त विकारों के बीज नष्ट हो जाते हैं और योगी साधक निर्बीज हो जाता है। योग से व्याधि की समाप्ति तथा समाधि एवं दिव्य जीवन की प्राप्ति होती है। योग आसनों की शृंखला में ‘पादांगुष्ठनासा स्पर्शासन’ की जानकारी दे रहे हैं योगाचार्य अखंड प्रताप शर्मा उर्फ रानू परमार्थी। संवाद
विधि
- पेट एकदम खाली करके आसन पर पीठ के बल लेट जाएं।
- अपने दाएं पैर को मोड़ें तथा दोनों हाथों से पैर के पंजे को पकड़ लें।
- कोहनी अंदर की ओर तथा घुटना बाहर की ओर रहेगा ।
- बायां पैर एकदम सीधा पंजा आगे की ओर तना रहे। श्वांस बाहर निकालते हुए धीरे-धीरे पैर को खींचते हुए अपने सिर की तरफ लाएं। ( जैसे शिशु अपने पैर का अंगूठा मुंह में डाल लेते हैं)।
- अपना सिर उठाकर अपनी नासिका से पैर के अंगूठे को छूने का प्रयास करें। 15 से 20 सेकंड तक इसी अवस्था में रुके रहें। वापस आते समय श्वांस भरते हुए सिर को जमीन से लगा दें तथा पैर को सीधा कर दें। यही प्रक्रिया बांईं ओर से दोहराएं। 3 से 5 बार करें। अंत में दोनों पैरों के पंजों के तलवे व एड़ियां आपस में जोड़कर एक साथ इसका तीन से पांच बार अभ्यास करें।
लाभ
अमाशय, अग्नाशय एवं आंतों की मजबूती के लिए बहुत ही लाभप्रद आसान है । नाभि का डिगना ठीक करने के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण अभ्यास है। इस आसन को करने से गैस, पेट दर्द, कब्ज, अतिसार, दुर्बलता, आलस्य आदि रोग स्वत: ही दूर हो जाते हैं। पाचन शक्ति बढ़ती है, कमर दर्द कम होता है, कमर की चर्बी कम होती है मेरुदंड स्वस्थ होता है।
सावधानी
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस होने पर इसका अभ्यास न करें। अपनी क्षमता से अधिक देर न रुके।
फोटो--23
पूरा परिवार हुआ कोरोना संक्रमित, फिर भी कर्तव्य निभाते रहे
शाहजहांपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात लैब असिस्टेंट विनीत मिश्रा कोरोना की पहली लहर में 11 सितंबर 2020 को संक्रमित हो गए थे। उनकी ड्यूटी पैथोलॉजी लैब में चल रही थी। उनके साथ-साथ उनकी पत्नी नमिता मिश्रा और एक वर्षीय बेटा विभव मिश्रा भी संक्रमित हो गए। तीनों को होम क्वारंटीन करा दिया गया था। परिवार के सभी सदस्यों के संक्रमित होने के बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कोरोना का डटकर सामना किया। 10 दिनों के बाद सभी ने जंग जीत ली। विनीत ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने के अगले दिन ही ड्यूटी ज्वाइन कर ली। तबसे अब तक बिना अवकाश लिए ड्यूटी कर रहे हैं। विनीत कहते हैं कि हम सभी को परस्पर सहयोग से कोरोना से जंग जीतनी है। दो गज दूरी, मास्क है जरूरी को अपनाएं। संवाद