शाहजहांपुर। जनपद में प्रति माह लगभग 6.92 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है जबकि मांग आठ लाख लीटर से अधिक से होने का अनुमान है। राजकीय दुग्धशाला को सहकारी दुग्ध समितियों से वर्तमान में प्रति माह लगभग 276874 लीटर दूध मिल रहा है जो कि कुल दुग्ध उत्पादन का महज 40 फीसदी है। ऐसे में लोगों शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है।
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में तत्कालीन केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एवं जिले की सांसद कृष्णा राज ने कई दुग्ध विकास समितियों का गठन करा कर ब्लॉक स्तर पर दुग्ध संग्रह के लिए चिलर प्लांट लगवाने का प्रस्ताव दुग्ध विकास मंत्रालय भिजवाया, लेकिन बाद में यह योजना सरकारी फाइलों में अटक गई। वर्तमान में जिले की 270 दुग्ध विकास समितियां रौसर कोठी स्थित राजकीय दुग्धशाला को दूध उपलब्ध करा रहीं हैं, लेकिन वहां संग्रहीत होने वाला दूध अन्य जनपदों की डेयरी उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को जा रहा है।
त्योहारी सीजन में धड़ल्ले से बिकता है मिलावटी दूध
जिले में 288478 गौवंशीय और 490227 महिषवंशीय अर्थात भैंस प्रजाति के पशु हैं। इस तरह 778705 दुधारू पशु हैं, लेकिन उनमें सभी दूध नहीं देते। दूधिए अलग-अलग क्वालिटी का दूध 30 से लेकर 50 रुपये लीटर के भाव पर बेचते हैं, जबकि डेयरियों पर 50 से 55 रुपये लीटर के भाव बिकने वाले दूध में भी शुद्धता की कोई गारंटी नहीं होती।
गत वर्ष अप्रैल से 31 मार्च तक दूध और दुग्ध उत्पादों की सैंपलिंग : एक नजर
खाद्य वस्तु निरीक्षण छापे नमूने रिपोर्ट प्राप्त अधोमानक असुरक्षित
दूध 168 46 46 28 09 03
खोया 45 06 15 12 06 02
पनीर 42 12 15 05 04 00
दुग्ध उत्पादन ने सुधारी परशुराम की माली हालत
सेहरामऊ दक्षिणी। चंदगोई गांव के परशुराम ने बताया एक साल पहले उनकी माली हालत बहुत कमजोर थी। किसी तरीके से रकम उधार लेकर एक गाय खरीदी। उस गाय से धीरे-धीरे दूध की बिक्री शुरू की। अब परशुराम के पास तीन दुधारु भैंस व छोटे-छोटे कई अन्य पशु हैं।
राजकीय दुग्धशाला में 270 सहकारी दुग्ध विकास समितियों द्वारा अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक प्रतिदिन लगभग 7459 दूध खरीदा जा रहा था। अप्रैल 2021 से रोजाना लगभग 9229 लीटर दूध आने लगा है। कोरोना काल में दूध की बाजारों में खपत बंद होने के कारण कारण दुग्धशाला में अधिक मात्रा में दूध आ रहा है जो कि डेयरी उत्पाद बनाने वाली बाहर की फैक्ट्रियों को भेजा जा रहा है।
- सैयद शाह इस्नानुल हक, प्रभारी, राजकीय दुग्धशाला, रौसर कोठी