तिलहर। नगरपालिका ग्राउंड पर रविवार सुबह योग शिविर का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षक और आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रमोद मिश्रा व डॉ. शुभा मिश्रा ने महिलाओं को यम नियम, प्राणायाम के बारे में विस्तार से समझाया। डॉ. शुभा मिश्रा ने कहा कि योग अपनाकर महिलाएं स्वस्थ और सुख रह सकती हैं। इस दौरान योग से होने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई।
अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम अपराजिता-100 स्माइल्स के तहत आयोजित शिविर में योग प्रशिक्षक और आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रमोद मिश्रा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की पहचान है। ध्यान के द्वारा हम परमपिता परमात्मा के समीप पहुंच सकते हैं। डॉ. शुभा मिश्रा ने कहा कि महिलाओं के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। वैदिक विद्वान जितेंद्र आर्य ने कहा कि उन्होंने बचपन से ही स्वामी रामदेव की प्रेरणा से योगाभ्यास किया है। इससे वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। कार्यक्रम के अंत में योग साधकों ने चुटकुले सुना कर सभी को खूब हंसाया।
निरोग काया रखता है योग
जीवन को सुखमय और निरोग बनाने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। महिलाओं और बेटियों को योग अवश्य करना चाहिए। -डॉ. शुभा
बीमारियां होती हैं दूर
योग करने से बीमारियां दूर रहती हैं। मैंने आज योग में बहुत कुछ सीखा है और सभी को योग करने के लिए प्रेरित करूंगी। -पूजा
प्राणायाम लाभदायक
योग प्राणायाम शरीर के लिए बहुत लाभकारी है। इसका सभी को अभ्यास करना चाहिए, शरीर में संतुलन के लिए योगाभ्यास आवश्यक है। -साध्वी
योग करें, रहे निरोग
योग प्राणायाम का मूल मंत्र है कि हम योग करें और निरोग रहे। सभी को प्रतिदिन योगाभ्यास अवश्य करना चाहिए। शोभा गुप्ता
योग से रहती स्फूर्ति
योग से ताजगी मिलती है। मुझे योग साधना बहुत अच्छी लगती है। इससे स्फूर्ति बनी रहती है। तन-मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। -अनुपमा त्रिपाठी
जीवन में आया बदलाव
मैं प्रतिदिन योग करती हूं। इससे जीवन में बहुत ही बदलाव देखने को मिला है। सभी को प्रतिदिन योग करना चाहिए। -ज्योति मिश्रा
महिलाओं के लिए उपयोगी
करो योग, रहो निरोग यह मूल मंत्र है। इसलिए सबको योग करना चाहिए। महिलाओं को खासतौर पर अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। -आरती शर्मा
उन्नति का मूल मंत्र
योग प्राणायाम उन्नति का मूल मंत्र है। कॅरियर में भी इसका लाभ मिलता है। महिला आयोग करके अपना कॅरियर बना सकती हैं। -प्रियंका आर्या
योगाचार्य के टिप्स
- रात में 10 बजे से पहले सोना और प्रात: 4 से 5 बजे के बीच जाग जाना चाहिए।
- खानपान को संतुलित रखें। प्रतिदिन भोजन में सलाद व विटामिन युक्त आहार लेना चाहिए।
- अनुलोम-विलोम, प्राणायाम के साथ प्रतिदिन हल्का-फुल्का व्यायाम करना चाहिए।
- गर्मी के मौसम में पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए। खुले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- जीवन को तनावमुक्त रखकर जीना चाहिए। खुशी और गम में समान रूप से जीवन का निर्वहन करना चाहिए।
- शारीरिक श्रम के साथ शरीर को आराम भी देना चाहिए। योगासन और प्राणायाम के बाद भी शवासन करना चाहिए।
- जीवन में सदा प्रसन्न रहें। खुलकर हंसने से शरीर की रक्तवाहिनियां सदैव प्रवाहित रहती हैं।