निगोही। विक्रमपुर चकौरा गांव के सुधीर सिंह यादव और गांव के राजेश्वर सिंह यादव के बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं बताई जा रही है। दोनों के बीच वैमनस्यता का बीज मात्र 16 घंटे पहले ही अंकुरित हुआ था। फर्जी मतदान करने आईं जमुना प्रसाद की पुत्री लाली के वोट पर आपत्ति करने के बाद बूथ पर कार्यरत सुरक्षाकर्मियों ने युवती को तीन घंटे तक वहीं बैठा लिया था। इसी खुन्नस में राजेश्वर ने अपने साथियों के साथ मतदान खत्म होने के बाद सुधीर पर हमला किया। पुलिस के आने पर राजेश्वर सिंह ने सबक सिखाने की चेतावनी देते हुए छोड़ दिया, पर सुबह उसने सुधीर को मौत के घाट उतार दिया।
यदुवंशी बाहुल्य विक्रमपुर चकौरा गांव में सपा और भाजपा के समर्थक रहते हैं। विधानसभा चुनाव में नेम सिंह का परिवार सपा प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा का साथ दे रहा था। मतदान आने पर चुनावी प्रबंधन का जिम्मा संभालने वालों ने शिक्षित सुधीर सिंह को पोलिंग एजेंट बना दिया। मतदान दोपहर तक शांतिपूर्ण चलता रहा। दोपहर दो बजे गांव की एक युवती आई। आरोप है कि वह एक बार वोट डाल चुकी थी, जबकि दोबारा फर्जी मतदान करना चाहती थी। युवती को सुधीर पहचानता था। उसने तुरंत ही आपत्ति कर दी। सपा एजेंट सुधीर की शिकायत पर सुरक्षाकर्मी अलर्ट हुए और युवती को बूथ पर बैठा लिया। यह खबर जब भाजपा समर्थक राजेश्वर सिंह के पास पहुंच गई। तीन घंटे के बाद युवती को बूथ से घर भेज दिया गया। मतदान समाप्त होने के बाद सुधीर घर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में राजेश्वर ने समर्थकों के साथ घेर लिया। उसने भागने का प्रयास किया तो उसके ऊपर पथराव किया, साथ ही फायरिंग कर दी। इस बीच 112 डायल पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को रफा-दफा कर सुधीर को घर के अंदर कर भाजपा समर्थकों को भी शांत करा दिया। सुबह से ही राजेश्वर और उसके साथी एकत्र होने लगे। छह बजे सुधीर के घर पहुंच गए। उस समय सुधीर के परिजन भी जाग चुके थे। अचानक से राजेश्वर सिंह ने सुधीर के मकान पर पथराव शुरू कर दिया। तभी सुधीर ने दरवाजे पर आकर पथराव करने वालों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान हमलावरों ने रायफल से सुधीर के माथे को निशाना बनाते हुए ट्रिगर दबा दिया। सुधीर के गोली लगते ही वह खून से लहूलुहान होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद हमलावर भाग गए। फायरिंग में दूसरे पक्ष के वीरेंद्र सिंह के भी गोली लगी। गांव में युवक की हत्या की खबर पाकर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल वीरेंद्र सिंह को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।
तनाव को देखते हुए चार थानों की पुलिस तैनात
-सुधीर सिंह यादव की हत्या के बाद गांव में जबर्दस्त तनाव है। पुलिस ने गांव को छावनी में बदल दिया है। एसपी एस आनंद, एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सदर अखंड प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर मौका-मुआयना किया। उन्होंने परिजनों से पूछताछ भी की। चूंकि, हमलावर और मृतक के घर में कुछ फासला है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से रोजा, जलालाबाद, आरसी मिशन थाने का अतिरिक्त फोर्स बुलाकर तैनात कर दिया गया।
नेमचंद्र के घर का बुझा चिराग, बेटे को करा रहे थे बी-फार्मा
-विक्रमपुर चकौरा गांव के नेम सिंह यादव के घर का मंगलवार को चिराग बुझ गया। बेटे के शव को देखकर नेमचंद्र व उसकी मां के आंसू नहीं थम रहे हैं। होनहार बेटे की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। खेती-किसानी करने वाले नेम सिंह का भरा-पूरा परिवार है। चार बेटों में नंदकिशोर, सुनील और प्रवीन खेती-बाड़ी में उनका साथ देते थे, लेकिन सुधीर काफी तेजतर्रार था। इसलिए वह उसे पढ़ा रहे थे। उनकी एक बेटी पारुली भी है। सुधीर कस्बे के हरिपाल स्थित कॉलेज से बी-फार्मा कर रहा था। नेम सिंह व उसकी पत्नी बेटे को अच्छी पोस्ट पर देखना चाहते थे। इसलिए उसकी शिक्षा में कोई कमी नहीं रहना देना चाहते थे। बेटे को लेकर दंपती ने सपने देखे थे, लेकिन उनके सपने पल भर में बिखर गए।
-----------------
पुलिस का दावा-प्रधानी चुनाव को लेकर हुई हत्या
-पुलिस ने प्रधानी चुनाव की रंजिश में हत्या होने का दावा किया है। हत्या के मुख्य आरोपी राजेश्वर सिंह के भाई सर्वेश सिंह और झंकार सिंह के बीच पहले से विवाद चल रहा था। 2020 में सर्वेश ने गांव के एक युवक को गोली मार दी थी। इस मामले में सर्वेश अभी जेल निरुद्ध है।