जीआरपी ने दिखाई मानवता
लल्लन के पास रुपये नहीं थे। सुबह उसके बच्चे भूख से बिलखे तो जीआरपी के सिपाहियों ने मानवता दिखाई। महिला सिपाही ने बच्चों को खाना खिलाया। एसआई करुणेश शुक्ला ने बताया कि लल्लन की घर वापसी के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन करा दिया गया।
दस हजार रुपये का चंदा किया
लल्लन की आर्थिक स्थिति को देखकर रेलवे पुलिस, एंबुलेंस चालकों समेत मेडिकल कॉलेज चौकी के स्टाफ ने भी चंदा किया। कुछ देर में दस हजार से ज्यादा रुपये इकट्ठा हो गए। चंदे से सरस्वती के शव का अंतिम संस्कार कराया गया।