कुसुमा देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
मीरानपुर कटरा। गांव सैदापुर निवासी रामदास गंगवार की पत्नी कुसुमा देवी (40) की अंगुली में सांप ने डस लिया। परिजन एक घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। सीएचसी लाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है। कुसुमा घर की रसोई में चाय बना रही थीं। इस बीच कच्ची दीवार में बनीं अलमारी में रखे कप और ट्रे निकालने लगीं। तभी बर्तनों के पीछे छिपे सांप ने बाएं हाथ की बीच की अंगुली में उसे डस लिया। अंगुली से खून निकलते देख वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। रामदास ने पहले खैरपुर के एक व्यक्ति को दिखाया। वहां से तिलहर क्षेत्र के ग्राम लखुआ में झाड़फूंक करने वाले के पास ले गए।
उसने देसी दवा पिलाने के बाद करीब एक घंटे तक रोके रखा। जहर फैलने से महिला की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर सीएचसी आए। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. फैजान खान ने बताया कि झाड़-फूंक कराने के चलते महिला को समय से उपचार नहीं मिल पाया।
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अलमारी में सांप को किया बंद
-कच्चे मकान में बनी अलमारी में लकड़ी के दरवाजे भी लगे हैं। उसी में सांप ने बिल बना लिया था और परिजन को जानकारी तक नहीं हुई। परिजन के अनुसार, सांप को अलमारी में बंद कर दिया।
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ये बरतें सावधानी
राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशिय डॉ. सलीम अहमद ने बताया कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल भी नहीं पड़े। तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर इलाज कराएं। सर्पदंश के बाद घबराए नहीं। इससे दिल का दौरा पड़ने की आशंका रहती है। साथ ही जिस अंग पर सर्प ने डसा है, उसे चलाएं या फिराएं नहीं, स्थिर कर दें। वहां पर चीरा भी नहीं लगाएं। 20 प्रतिशत सांप जहरीले होते हैं। इसमें कोबरा, क्रत और पिटवाइपर सांप जहरीले होते हैं। 80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने से झाड़-फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।