ठंडी हवा के झोंकों और ओलों की बौछार के साथ बृहस्पतिवार को फिर हुई बारिश ने सर्दी में इजाफा कर दिया है। सुबह से दोपहर बाद तक रुक-रुककर हुई बेमौसम की बरसात से तापमान में फिर गिरावट दर्ज की गई। शहर की सड़कों पर कई जगह बरसात का पानी भरने से जलभराव हो गया और फिसलन पैदा हो गई।
बुधवार सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो जाने पर मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन तक आसमान पर बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। यह अनुमान बृहस्पतिवार को सही साबित हुआ, जब सुबह से रिमझिम फुहारों का दौर शुरू हो गया। दिन में कुछ देर को आसमान में बादल हट गए और हल्की धूप खिली, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद बादलों की गड़गड़ाहट के साथ अंधेरा छाने लगा और इसी के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान पुवायां समेत जिले के कई ग्रामीण अंचलों में ओलावृष्टि से सर्दी में इजाफा हो गया।
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार सुबह से शाम तक 7.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई जो कि शीतकाल में चालू सीजन की पहली वर्षा मानी जाएगी। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ने से पिछले 24 घंटे की तुलना में दिन और रात के तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की कमी आ गई। उन्होंने बताया कि बारिश से गन्ना की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन तेज हवा चलने के साथ बारिश होने की दशा में धान खेतों में पलट सकता है।
पुवायां में गिरे ओले, धान
की फसल को नुकसान
पुवायां/मझिगवां। बृहस्पतिवार को मौसम के तेवर अचानक बदल गए। सुबह से बूंदाबांदी के बाद दोपहर में गांव जुझारपुर और आसपास के क्षेत्र में ओले गिरने से धान की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा। पहले से ही सूखे की मार झेल रहे किसान ओलावृष्टि से परेशान हो उठे हैं।
जुझारपुर के किसानों ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर में अचानक ओले गिरने लगे। लगभग दस मिनट तक हुई ओलावृष्टि से किसान परेशान हो उठे। इसके अलावा पूरे तहसील क्षेत्र में बारिश के चलते धान की कटाई का काम ठप हो गया है। आलू, गन्ना आदि की फसल में बारिश से लाभ हुआ है।