एसएस कॉलेज के वाणिज्य विभाग में बीकॉम फाइनेंस के छात्र-छात्राओं के लिए भारत सरकार के बजट पर अतिथि व्याख्यान हुआ। इसमें काशी विद्यापीठ वाराणसी के प्रोफेसर केके अग्रवाल कहा कि केंद्र सरकार का उपभोक्तावाद को बढ़ावा देने वाला बजट है। इसमें डिजिलाईजेशन, मार्केटाइजेशन को प्रोत्साहित किया गया है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बजट ऐसे वक्त पेश किया गया जब पूरे विश्व का वातावरण अनिश्चित है। बजट पर विमुद्रीकरण का प्रभाव भी दिख रहा है। जीडीपी और रोजगार दोनों घटा है। टैक्स में जो बदलाव किए गए हैं, इससे अर्थव्यवस्था पर मामूली प्रभाव पड़ेगा। वित्त मंत्री ने करदाताओं के संबंध में जो आंकड़े पेश किए हैं उससे साबित होता है कि सरकार को कर न देने वालों की जानकारी है। सर्विस टैक्स से छेड़छाड़ नहीं की गई है। इसका मतलब है कि जीएसटी के माध्यम से सर्विस टैक्स तय होगा। डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने से भ्रष्टाचार और कालेधन को रोका जा सकेगा। सरकार द्वारा आधार नंबर के जरिए भुगतान प्रणाली पर जोर दिया गया है। व्याख्यान का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अग्रवाल और प्राचार्य डॉ. एके मिश्रा ने किया। छात्रा गुलफ्शा खान और प्रियंका रस्तोगी ने अतिथियों का चंदन तिलक किया। डॉ. अभिजीत मिश्र के संचालन में हुए व्याख्यान में डॉ. अनुराग अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में संयोजक डॉ. केके वर्मा, अनम खान, राधिका सक्सेना, सोनाली झिंगरन, अनिकेत गर्ग, नेहा शुक्ला, गुरमनदीप सिंह, सचिन मिश्रा, दिव्यांश मिश्रा आदि का योगदान रहा।