शाहजहांपुर। भागदौड़ भरी जिंदगी, अहंकार और छोटी-छोटी गलतफहमियों के कारण बिखरते परिवारों के मामले परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। नवरात्र के पावन अवसर पर कई रूठी गृहलक्ष्मियां गिले-शिकवे भुलाकर ससुराल लौट आई हैं। इनके लौटने से फिर घर-आंगन में खुशियां लौट आई हैं।
काउंसलर्स के मुताबिक, दंपतियों के बीच बातचीत की कमी और अहंकार पारिवारिक विवाद की बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है। इसके अलावा शराब पीकर मारपीट, दहेज उत्पीड़न, शक और छोटी-छोटी गलतफहमियां भी रिश्तों में दरार डाल रही हैं। परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी बात सुनी जाती है और विवाद की वजह जानकर समझौते का प्रयास किया जाता है।
.जनवरी से अब तक साढ़े 12 सौ से अधिक मामले केंद्र पहुंचे हैं। काउंसलिंग के जरिये करीब साढ़े तीन सौ मामलों में दंपतियों के बीच मनमुटाव दूर कराया जा चुका है। इनमें कई ऐसे जोड़े हैं, जो कानूनी लड़ाई या अलगाव के कगार पर थे, लेकिन अब साथ रह रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर परिवारों का दोबारा जुड़ना समाज के लिए भी सकारात्मक संदेश है। (संवाद)
मामला-एक
थाना सिंधौली के एक दंपती की शादी सात माह पूर्व हुई थी। तीन माह से मायके में रह रही गर्भवती महिला ने बताया था कि पति शराब पीकर पिटाई करता था। खर्च नहीं देता था। पति ने गलती मानते हुए आपसी सहमति से समझौता कर लिया।
मामला-दो
आरसी मिशन थाना क्षेत्र के दंपती की शादी को करीब दो साल हुए थे। महिला ने बताया था कि परिजनों से फोन पर बात करने पर पति शक करते हुए मारपीट करता था। पति का आरोप था कि पत्नी बात कर नंबर डिलीट कर देती थी। काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच समझौता हो गया।
मामला-तीन
चौक कोतवाली क्षेत्र की महिला ने बताया कि उनका पति सास के कहने पर चलता है। सास हर बात पर ताना मारती है। इन्हीं बातों को लेकर पति उससे नाराज रहते थे। सास की वजह से रिश्ते में दरार पड़ गई। बाद में काउंसलिंग के बाद दोनों में समझौता हो गया।
मामला-चार
थाना सदर बाजार क्षेत्र की महिला ने बताया कि उसका प्रेम-विवाह हुआ है। ससुराल वाले दहेज न लाने का ताना मारने लगे। विरोध करने पर मारपीट की जाने लगी। परेशान होकर घर की दहलीज से निकली। उनका सुलह समझौता कराया गया है।
पारिवारिक विघटन को रोकना और बिखरते परिवारों को दोबारा जोड़ना हमारी प्राथमिकताओं में से एक है। कोशिश रहती है कि मामूली विवादों और गलतफहमियों के कारण हंसते-खेलते परिवार कचहरी के फेर में नहीं पड़ें। परिवार परामर्श केंद्र की पूरी टीम रिश्तों की दरार खत्म करने के प्रयास में लगी है।
- सौरभ दीक्षित, एसपी