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Shahjahanpur News: भैंसी नदी में खनन का मुख्यमंत्री ऑफिस से मांगा गया जवाब तो शुरू की गई लीपापोती

Thu, 19 Feb 2026 11:39 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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पुवायां। भैंसी नदी में अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगे जाने पर राजस्व विभाग और पुलिस बचाव में उतर आए हैं। बृहस्पतिवार को लेखपाल की ओर अज्ञात लोगों पर खनन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक नदी को पुनर्जीवित कराने के निर्देश दिए थे। शाहजहांपुर में डीएम ने इसके लिए भैंसी नदी का चयन किया था। 15 वर्षों से सूखी पड़ी भैंसी नदी की लोकभारती के स्वयंसेवकों और समाजसेवकों के सहयोग से नदी को खोदाई कराई थी। बरसात में नदी में पानी भी आया था। अब नदी सूखी पड़ी है। इसका फायदा उठाते हुए कई जगह पर रेत और मिट्टी खनन किया जा रहा है।

अमर उजाला ने भैंसी नदी में खनन का मुद्दा उठाया था। दो फरवरी को जिला खनन अधिकारी, नायब तहसीलदार मोहम्मद रिजवान और थाना प्रभारी रवि करन सिंह मीरपुर और फत्तेपुर जमीने लुकटहा पहुंचे। यहां भैंसी नदी में रेत खनन से बने गहरे गड्ढे मिले थे। किसानों ने खनन अधिकारी को बताया कि नदी से रेत खनन कर बिक्री की जा रही है। किसानों ने खनन करने वाले लोगों के नाम भी बताए थे। अधिकारियों ने खनन करने वालों के नाम पुलिस को देकर कार्रवाई को कहा था।
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अमर उजाला में 31 जनवरी को प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने कटिंग को आईजीआरएस के माध्यम से दो फरवरी को डीएम, एसपी को भेजकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। इससे राजस्व विभाग के साथ ही पुलिस में भी खलबली मच गई थी। बचाव के रास्ते तलाशे गए और बृहस्पतिवार को गंगाई क्षेत्र के लेखपाल सूरजपाल ने अज्ञात लोगों पर नदी से खनन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है।

17 दिन बाद भी चुप्पी साधे बैठी पुवायां पुलिस

दो फरवरी को जांच के दौरान अधिकारियों ने खनन से अपना पल्ला झाड़ते हुए पुलिस पर खनन करने वालों को पकड़ने की जिम्मेदारी डाल दी थी। जांच के दौरान मौके पर पहुंचे किसानों ने खनन करने वालों के नाम अधिकारियों को बताए थे। नायब तहसीलदार और खनन अधिकारी ने बताए गए नाम थाना प्रभारी को देकर कार्रवाई को कहा था, लेकिन 17 दिन बाद भी सौंपे गए नामों की सूची में एक भी व्यक्ति नहीं पकड़ा गया है।


पहले किसी ने तहरीर नहीं दी थी, खनन करने वालों के नाम ही बताए गए थे। इस कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच कराते हुए खनन करने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
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