पुवायां। अपूर्व अवस्थी की मौत में पिता नौ लोगों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, पुलिस आत्महत्या बता रही है, लेकिन पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ हो चली है कि मामले को आत्महत्या माना जाए, तब भी पुलिस ने सही कारण जानने में लापरवाही बरती है। अपूर्व के पिता के हत्या की तहरीर देने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। सीओ ने कहा, दर्ज कराए गए मुकदमे में कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।
लखीमपुर के गांव भीखमपुर निवासी मनीष अवस्थी की पत्नी की लगभग दस साल पहले मौत होने के बाद उनका पुत्र अपूर्व अवस्थी अपने नाना राजकुमार मिश्रा के घर पुवायां के गांव कुंवरपुर जप्ती आकर रहने लगा था। वह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा दस का छात्र था। तीन जुलाई को सीने में गोली लगने से अपूर्व की मौत हो गई थी। अपूर्व के मामा प्रमोद ने गांव के ही पांच लोगों पर जमीनी रंजिश में अपूर्व की गोली मारकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में अपूर्व को गोली प्रमोद के घर में ही लगने की बात सामने आई तो प्रमोद ने कह दिया था कि अपूर्व ने मां की याद में दुखी होकर गोली मारकर आत्महत्या की है।
पुलिस ने अपूर्व मे आत्महत्या करने की बात कहते हुए जल्दबाजी में खुलासा तो कर दिया लेकिन आत्महत्या के पीछे कारण प्रमोद के बयान को ही मान लिया, जबकि प्रमोद लगातार झूठ बोल रहे थे। अपूर्व ने पिता ने हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी और प्रेम प्रसंग की पुख्ता जानकारी सामने आई तो पुलिस बैकफुट पर आ गई है। मुकदमे को एक्सपंज बताने वाली पुलिस अब कई बिंदुओं पर जांच की बात कहने लगी है। थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि अपूर्व के पिता की तहरीर सहित कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो ऑडियो क्लिप आईं सामने
अपूर्व के पिता की एक महिला और एक युवक के साथ मोबाइल पर बातचीत की ऑडियो क्लिप सामने आई है। ऑडियो में युवक कह रहा है कि एक छात्रा के चक्कर में 15 से 20 लड़के अपूर्व को पीटने पुवायां में एक कॉलेज के सामने गए थे। युवक यह भी कह रहा है कि अपूर्व ने एक छात्रा को कॉल कर कहा कि अब वह कभी कॉलेज में नहीं दिखेगा, क्योंकि वह खुद को गोली मारने जा रहा है। महिला और युवक अपूर्व के पिता को मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगे होने का भय दिखाते हुए कहते हैं कि ज्यादा बात मत करो, गांव आ जाओ, सब बता देंगे। अपूर्व के पिता कहते है कि उन्हें मोबाइल को सर्विलांस पर लगाए जाने और कॉल रिकार्डिंग निकाले जाने में कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि उनके पास छिपाने को कुछ नहीं है।
कॉलेज के छात्रों से पूछताछ की बात खुलासे में शामिल नहीं
अपूर्व की मौत से एक-दो दिन पहले एक कॉलेज के कुछ लड़कों ने अपूर्व की घेराबंदी की थी। जांच में पुलिस को यह जानकारी मिली थी, इसके बाद चार छात्रों और एक थार गाड़ी को थाने लाया गया था। बाद में वाहन और छात्रों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया था। छात्रों ने अपूर्व को घेरा था, यह बात वायरल हो रहे ऑडियो रिकार्डिंग में प्रमोद के परिजन भी स्वीकार रहे हैं। सवाल है कि पुलिस ने मामले में खुलासे में यह बात शामिल क्यों नहीं की?
अप्रैल में अपूर्व पर दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट
अपूर्व की हत्या के आरोप में नामजद किए गए अनुज मिश्रा ने 21 अप्रैल को दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि 20 अप्रैल को वह गेहूं कटवा रहे थे, तभी देव (अपूर्व अवस्थी) सहित नौ लोगों ने आकर कंबाइन चालक से पहले अपने गेहूं काटने को कहा। मना करने पर अनुज को लाठी-डंडों से पीटा और घरेलू सामान तोड़ दिया। अपूर्व के पिता मनीष अवस्थी ने बताया कि पुत्र पर रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। पता चलता तो वह पुत्र को अपने घर ले आते तो शायद पुत्र की जान बच जाती।
मुकदमे को अभी एक्सपंज नहीं किया गया है। अपूर्व के पिता की हत्या की तहरीर सहित कई बिंदुओं को शामिल कर जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां