मृतक सुंदरलाल के 38 वर्षीय पुत्र रामनिवास, 35 वर्षीय सूरजपाल, 30 वर्षीय बलराम, 22 वर्षीय बबलू और 12 पोती-पोता का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी कटोरी देवी की आंखें पथरा गईं हैं। रामनिवास पछाड़ खा कर कह रहा है कि 29 अप्रैल को मीरा की बारात आनी है। सारी फसल नष्ट हो गई है। बारातियों को क्या खिलाऊंगा, बारात का सामान कहां से आएगा? पिता चले गए, कर्ज का 60 हजार रुपये, पटके का 36 हजार रुपये, समिति बिछोली का 15 हजार रुपये कैसे अदा होगा?
मृतक सुंदरलाल की सदमे में मृत्यु नहीं हुई, बल्कि वह फालिस ग्रस्त बीमार था। मृतक की 50 प्रतिशत फसल की क्षति हुई है। सूची में नाम है। मुआवजा मिलेगा।
- पदम सिंह, एसडीएम तिलहर
अरबाज की मौत से चार बच्चों की परवरिश का संकट
खुदागंज। फसली नुकसान से जलालपुर के अरबाज खां उर्फ चन्नू की असमय मौत ने उनकी पत्नी बन्नो के आगे चार अबोध बच्चों की परवरिश का संकट खड़ा कर दिया है। चन्नू को उम्मीद थी कि एक एकड़ फसल में होने वाली फसल से खाने भर को गेहूं बुखारी में रखकर बाकी गेहूं बाजार में बिक्री करके उधारी चुकता हो जाएगी। दरअसल, फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक सारे कामों में उन्होंने लगाई गई लागत की रकम उधार लेकर जुटाई थी।
‘जलालपुर में अरबाज खां उर्फ चन्नू की गेहूं की फसल बर्बाद होने से मृत्यु होने की जानकारी मिली है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर जांच को भेजा गया है। जाचं के बाद न्यायोचित कार्यवाही होगी।’
- पदम सिंह उप जिलाधिकारी, तिलहर