शाहजहांपुर। राजस्थान से उठ रहीं गर्म हवाओं ने सूरज से जुगलबंदी की तो शनिवार को पारा और उछलकर 41.4 डिग्री पहुंच गया। गनीमत रही कि पछुआ हवा का वेग धीमा रहने से लू नहीं चली, लेकिन सूरज के ताप ने आग बरसानी शुरू की तो दोपहर को बाजार ग्राहकों से सूने पड़ने लगे और सड़कों पर चहलपहल भी घट गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले आठ दिन तक गर्मी के प्रकोप का प्रकोप बढ़ेगा।
दो दिन से लगातार बढ़ रहे तापमान से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। गर्मी बढ़ने का आभास शुक्रवार से होने लगा। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. विकास खुराना ने भारतीय मौसम विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्रा के स्तर से जारी मौसम अलर्ट का हवाला देते हुए बताया कि दो दिन पहले बंगाल की खाड़ी में आए समुद्री तूफान ने जम्मू कश्मीर पर बने पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव क्षीण कर दिया है। इस वजह से राजस्थान की ओर से अगले आठ दिन तक उठने वाली गर्म हवाएं तापमान को रिकार्ड ऊंचाई पर ले जाकर भीषण गर्मी का कारण बनेगी। उन्होंने बताया कि मौसम की निगरानी करने वाली कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं पहले ही वर्ष 2020 को दुनिया के लिए बेहद गर्म साल बता चुकी हैं और अब इसकी शुरुआत हो चुकी है।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह का भी मानना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पडने से अब पारा अगले कई दिन तक उछलेगा। उनका कहना है कि गत वर्ष इन्हीं दिनों तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन समुद्री तूफान से हवा में सुबह के वक्त आर्दता बढ़कर 78 फीसदी होने से गर्मी थोड़ी कम है। डॉ. सिंह के अनुसार पछुआ हवा में तेजी आई तो रविवार को सुबह से धुंध छाने पर उमस बढ़ेगी और ऐसी दशा में मामूली बूंदाबांदी की संभावना के बावजूद तापमान में कोई गिरावट नहीं आएगी।