शाहजहांपुर। मौसम को लेकर विशेषज्ञों का पूर्वानुमान मंगलवार को सच साबित हो गया। सुबह तेज आंधी के साथ करीब 25 मिमी बारिश होने से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। कई स्थानों पर ओले भी गिरे। इससे तापमान गिरने से ठंडक भी बढ़ गई। कई जगहाें पर पेड़ की डाल टूट कर बिजली लाइनों पर गिर गई। खन्नौत मोक्ष धाम के पीछे 33 केवी लाइन के डबल पोल गिर गए। इससे शहर के अधिकांश इलाकों में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। सुबह दस बजे के बाद मौसम सुधरने और धूप निकलने पर लाइन का फाल्ट ठीक करके बिजली सप्लाई शुरू की जा सकी। उधर, जो किसान अभी तक गेहूं काट नहीं सके, उनकी फसल खेतों में गिर गई। क्रय केंद्रों पर भी सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया। इससे उसके खराब होने के आसार हैं।
हवा के कम दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तीन दिन पहले भी मौसम बिगड़ैल तेवर दिखा चुका है। शनिवार को दोपहर तेज आंधी के बाद देर रात से रविवार सुबह तक 12.4 मिमी बारिश से कई स्थानों पर होर्डिंग उखड़ गए। पुवायां रोड पर चिनौर के पास 132 केवी बिजली उपकेंद्र से निकली 33 केवी लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से करीब दो घंटे तक शहर से लेकर देहात तक बिजली आपूर्ति अस्त-व्यस्त हो गई थी। हालांकि बाद मेें बूंदाबांदी थम गई, लेकिन सोमवार को फिर सुबह से बादल छाने के साथ मौसम बिगड़ने के संकेत मिलने लगे। बैरोमीटर की रीडिंग में एकाएक 45 अंक के उछाल को देखते मौसम विशेषज्ञों ने अगले 48 घंटे तक मौसम असामान्य रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। मौसम बिगड़ने का आभास सोमवार रात से होने लगा, जब बादल घने होने लगे और ठंडी पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ी। मंगलवार सुबह छह बजे तक बूंदाबांदी थमी रही, लेकिन पौन घंटे बाद ही तेज हवा आंधी के साथ बूंदे गिरने लगी। इसके बाद तेज बारिश होने लगी। बारिश के साथ मटर के दानों जैसे ओले गिरने से वातावरण में ठंडक बढ़ गई।
दोपहर बाद तक बनी रही जलभराव की समस्या
झमाझम बारिश करीब एक घंटे बाद थम गई, लेकिन इससे महानगर में सार्वजनिक महत्व के कई ठिकानों समेत कालोनियों और मोहल्लों के निचले स्थानों पर पानी भर गया। बारिश से नाले उफनाने की नौबत नहीं आई, लेकिन महानगर में कई निचले स्थानों पर पानी भर गया। रोडवेज स्टेशन के सामने कैंट बोर्ड के मैदान को ऊंचा कर दिए जाने से बारिश का पानी स्टेशन के ठीक सामने रोड पर भर गया। इधर, टाउनहाल में नगर निगम कार्यालय के पास, रैनबसेरा के सामने, टेलीफोन एक्सचेंज के पास, टाउनहाल हॉकी मैदान और उसके सामने स्थित रोड, लाल इमली चौराहा, हद्दफ चौकी के आगे महमंद जंगला मोड़, लोहारों का चौराहा आदि स्थानों पर सड़क से लेकर फुटपाथ तक करीब तीन घंटे जलमग्न रहे।
आंधी मेें ढहे हाईटेंशन लाइन के डबल पोल
दो दिन पहले बारिश में मिट्टी पहले से नम हो चुकी थी। ऐसे में सोमवार सुबह बारिश के साथ आंधी चली तो खन्नौत मोक्षधाम के पीछे रेलवे पुल के पास पैना पावर स्टेशन से हथौड़ा स्थित बिजली उपकेंद्र को गई 33 केवी लाइन के डबल पोल ढह गए। इससे तारों पर खिंचाव पड़ा तो लाइन केे तार भी टूट गए। इसके कारण हथौड़ा और सिटी पार्क बिजली उपकेंद्रों से जुड़े सुभाष चौराहा, सिटी पार्क कालोनी, हथौड़ा गांव, गन्ना शोध परिषद की आवासीय कॉलोनी, लोधीपुर, एनटीआई परिसर आदि की बिजली गुल हो गई। यही नहीं, पेड़ की डालें टूटने और तार टकराने से शार्ट सर्किट हुए तो लाइनों में ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई। इससे ककरा कलां, बहादुरगंज, अब्दुल्लागंज, सरायकाइयां, गोविंदगंज, रूफसचरन लेन, डीएम कंपाउंड कालोनी, टाउनहाल, पीली मस्जिद क्षेत्र के फीडर दो से तीन घंटे बंद रहे। इस वजह से बहादुरगंज, खिरनीबाग, कटिया टोला, सिविललाइंस, बहादुरपुरा, ककरा कलां, आनंदपुरम, आजादपुरम, मदरा खेल, बीबीजई हद्दफ, लोहारों का चौराहा, अलीजई, विश्वकर्मा चौक, जियाखेल, हथौड़ा, सुभाष चौराहा, लोधीपुर आदि इलाकों मेें सुबह दस बजे तक बिजली संकट बना रहा। महानगर के पावर सब स्टेशनों पर तैनात प्रभारी अवर अभियंता जयंत कुमार, मनीष कुमार, केके पटेल आदि ने विभिन्न स्थानों पर फाल्ट ठीक कराए।
भीगकर तबाह हुई खेतों में खड़ी पकी फसल
48 घंटे के अंतराल मेें दोबारा बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं, चला आदि फसलें पूरी तरह तबाह कर दीं। इस बार 2.73 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई, जबकि चना का रकबा बमुश्किल 900 हेक्टेयर तक सीमित रहा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक का दावा है कि गेहूं की फसल पूरी तरह कट चुकी है। लेकिन अभी ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 प्रतिशत फसल कटने से शेष बचने का अनुमान है। हालांकि, जिन किसानों की फसल कट चुकी है, वह फायदे में रहेंगे क्योंकि उनके खाली खेत पानी भरने से अगली फसल की तैयारी को जुताई लायक हो गए हैं। उधर, क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया और किसानों को अपने गेहूं का समर्थन मूल्य हासिल करने के लिए मौसम सामान्य रहने का इंतजार करना होगा।
मंगलवार सुबह आठ बजे तक महज 4.5 मिमी पानी गिरा, लेकिन बाद में एकाएक आंधी के साथ पानी तेजी से गिरने लगा और 40 मिनट में 20.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। कम समय में ज्यादा बारिश से खेतों में खड़े गेहूं को नुकसान होगा। बैरोमीटर की रीडिंग में उतार-चढ़ाव इस बात का संकेत है कि बुधवार को भी दिन भर बादल छाए रहेंगे। दोपहर तक बैरोमीटर सूचकांक 22 मिलीबार गिर चुका है और इसे देखते अगले 24 घंटे तक आंधी-बारिश का मौसम बना रहेगा।
- डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद