शाहजहांपुर। गंगा में तीन दिन तक उफान बने रहने के बाद रविवार से पानी घटने लगा। कलान के भैंसार बांध पर बीते 24 घंटों के दौरान गंगा के जलस्तर में आठ सेमी की गिरावट दर्ज की गई। उप्र और उत्तराखंड के बांधों-बैराजों से पास किए गए पानी की मात्रा कम हो जाने और मैदानी क्षेत्रों में बारिश नहीं होने के कारण से जिले से होकर बहने वाली रामगंगा समेत अन्य नदियों के जलस्तर में भी कमी दर्ज की गई। इसी के साथ रामगंगा और गर्रा नदियों के तटीय इलाकों के गांवों में भूमि कटान धीमा हो गया।
परौर क्षेत्र में दहेलिया से नारायणनगर तक कई जगह रामगंगा से जमीनें कट रही हैं। इसी तरह सदर तहसील में कई तटीय गांव गर्रा से कटान के दायरे में हैं। जबकि गत तीन दिन में गंगा का जलस्तर सात सेमी बढ़ा, लेकिन अब उससे कहीं अधिक पानी कम हो गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह प्राप्त सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से अतिरिक्त पानी की निकासी 1756 क्यूसेक से बढ़कर 33656 क्यूसेक हो गई, लेकिन पानी की इतनी मात्रा बढ़ने से गंगा के जलस्तर में अब वृद्धि होने के संकेत नहीं हैं।
अन्य बांधों-बैराजों से रामगंगा में निकल रहे पानी की मात्रा 3536 क्यूसेक से घटकर 15417 क्यूसेक रह गई। पीलीभीत के ड्यूनी डाम से गर्रा में पास किए जा रहे पानी की मात्रा बीते 24 घंटे से स्थिर है। इसलिए गर्रा में भी पानी कम होने लगा है।
इस बीच, सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर के निर्देश पर सहायक अभियंता ने जेई मोहित कुमार के साथ सदर तहसील के गांव उटहा जाकर वहां गर्रा से हुए भूमि कटान का जायजा लिया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि गांव का आबादी क्षेत्र नदी के वर्तमान बहाव से काफी दूर होने के कारण ग्रामीण जनजीवन पूरी तरह सुरक्षित है।
उन्होंने बताया कि परौर क्षेत्र में रामगंगा के किनारे स्थित गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए कई वर्ष पूर्व लगाए गए जिओ ट्यूब की अवधि खत्म हो चुकी है और जहां यह ठोकरें बनाई गईं, वहां से नदी दिशा बदल रही है।
गर्रा के बहाव की दिशा बदलने से हुआ भूमि कटान
शाहजहांपुर। शहर के पास से निकली गर्रा नदी में पहले भी कई बार बाढ़ आने से ददरौल और भावलखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए। कुर्रियाकलां-चौहनापुर मार्ग भी पिछले साल बाढ़ से आधा कट गया, लेकिन क्षेत्र के उटहा और मियापुर गौटिया में कृषि भूमि कटान से व्यापक क्षति पहली बार हुई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने इसका मुख्य कारण नदी के बहाव की दिशा बदलना बताया। एक्सईएन के अनुसार नदियाें की धारा कुछ समय के अंतराल पर एक किनारा छोड़कर दूसरे किनारे पर बहने लगती हैं। नदियों के बहाव का विचलन क्षेत्र उनके आसपास दस किमी तक हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसीलिए नदियों से भूमि कटान को रोकना संभव नहीं होता। एक्सईएन के अनुसार बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं अमूमन सघन आबादी क्षेत्र में प्रभावी की जाती हैं, जबकि सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र में गर्रा के किनारे विरल आबादी क्षेत्र होने से वहां बाढ़ बचाव को कोई परियोजना अभी शासन से क्रियान्वित नहीं हुई है। संवाद
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नदियों का जलस्तर (मीटर गेज में) : एक नजर
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नदी खतरे का निशान मौजूदा जलस्तर जलस्तर में वृद्धि/कमी
गंगा 143.65 142.22 - 0.08
रामगंगा 161.50 159.06 -0.14
गर्रा 148.80 145.95 -0.03
खन्नौत 145.75 143.05 - 0.25
उटहा और मियांपुर में कटान थमने से मिली राहत
सेहरामऊ दक्षिणी। क्षेत्र के गांव उटहा और मियांपुर गौंटिया में गर्रा से हो रहा कटान शनिवार रात से थम जाने के कारण किसानों को राहत मिली है, लेकिन नदी में पानी बढ़ने पर उन्हें किनारे की बाकी जमीन भी कट जाने की चिंता है। बता दें कि उटहा में 67 बीघा और मियापुर गौंटिया में 148 बीघा उपजाऊ जमीनें कट गईं और करीब 22 पेड़ों वाले सात बीघा के दो बाग भी नदी में समा चुके हैं। खास यह है कि अब तक इन गांवों में बाढ़ और कटान से हुए नुकसान का सर्वे करने कोई नहीं पहुंचा, जबकि संबंधित ग्राम प्रधान क्षेत्रीय लेखपालों को सूचना दे चुके हैं। संवाद
बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाई जाए राहत, नुकसान का सर्वे जल्द करें पूरा : जितिन
शाहजहांपुर। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्राॅनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने रविवार को अपने आवास पर पार्टीजनों और जनसामान्य से मुलाकात की। बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में जाकर आम जनमानस से मुलाकात कर नुकसान की जानकारी ली।
उन्होंने मौके पर मौजूद एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय को निर्देशित किया की बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का निस्तारण तुरंत कराएं। मंत्री ने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम भम्मौली, परसिनिया, चांदापुर, बिजलापुर के अलावा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों से राहत सामग्री मिलने, फसलों के नुकसान का सर्वे होने की जानकारी ली।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के कटान की स्थिति को स्वयं देखा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से विद्युत आपूर्ति के संबंध में पूछा। एसडीएम सदर ज्ञानेंद्र नाथ को निर्देश दिए कि राहत सामग्री का वितरण पात्र लोगों को युद्ध स्तर पर कराकर जनता को राहत प्रदान करने और नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करें।
अजीजगंज चौहनापुर मार्ग में सड़क एवं पटरी कटान का भौतिक निरीक्षण किया और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को कार्य को तेजी से कराकर स्थायी समाधान कराने के लिए निर्देशित किया।
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के चौहनापुर विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति की जानकारी लेने के बाद इस पर असंतोष जताया। एडीएम प्रशासन को अवर अभियंता से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्हाेंने भविष्य में शिकायतें मिलने पर कठोर कार्रवाई करवाने की चेतावनी दी। ददरौल विधायक अरविंद सिंह की ओर से बाढ़ की विभीषिका में किए गए राहत कार्यों की सरहाना की। संवाद
कुर्रिया कलां में बाढ़ राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद। स्रो