शहरी शिक्षण संस्थाओं में ग्लोबल हैंडवाश-डे के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। यूनीसेफ के बैनर तले अलग-अलग स्कूलों में डीएम समेत अन्य अधिकारियों ने बच्चों को हाथ धोने के तरीके और इससे होने वाले फायदे बताए।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम राम गणेश ने श्री श्याम लाल अंगने लाल बालिका इंटर कॉलेज में किया। इस मौके पर उन्होंने छात्राओं को कब और कैसे हाथ धोएं, इसकी जानकारी दी। डीएम ने कहा कि यदि चार बार साबुन से भली प्रकार हाथ धोए जाएं तो 70 प्रतिशत बीमारियों से बचा जा सकता है। खाना बनाने और परोसने से पहले, खाना खाने और खिलाने से पहले, शौच के बाद तथा बच्चों का मल साफ करने के बाद साबुन से भली प्रकार हाथ धोने चाहिए। इससे हम स्वयं भी स्वस्थ रह सकते हैं और दूसरों को भी निरोगी रख सकते हैं। इसके अलावा सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने श्री चित्रगुप्त जूनियर हाईस्कूल में और यूनीसेफ के पदाधिकारियों ने अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं में बच्चों को साबुन से हाथ धोकर खाना खाने और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को व्यर्थ पानी न बहाने का भी संदेश दिया गया। इन कार्यक्रमों में यूनीसेफ के रईस खान, हुदा जेहरा, कायनात, माता प्रसाद, सुधीर, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. गुंजन, प्रधानाचार्य अंजू सिंह, सुनीता सिंह, डॉ. अवनीश सक्सेना, मनोज, एसएम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
‘जनता की आवाज’ के कार्यकताओं ने उठाया प्रदूषण का मुद्दा
जिले में औद्योगिक इकाइयों से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम न होने के विरोध में सामाजिक संगठन जनता की आवाज के कार्यकर्ता शनिवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने शहीद उद्यान से लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे को सौंपा। ज्ञापन के साथ एक वीडियो सीडी भी सौंपी, जिसमें फैक्ट्रियों के आसपास के गांवों में रहने वालों पर प्रदूषण के असर को दर्शाया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता, विमल गोयल, विनोद शर्मा, अतीक अहमद, सोनी गुप्ता, संगीता वाजपेयी आदि शामिल थीं।