गांव नभीची में पानी की टंकी के पास बंद किए गए पशु
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बंडा। ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं के फसल नष्ट करने की शिकायत की तो ग्राम विकास अधिकारी ने गांव में छुट्टा पशु न होने की रिपोर्ट लगाकर अधिकारियों को भेज दी। नाराज गांव के लोगों ने 70 से 80 पशु गांव में बनी पानी की टंकी के परिसर में बंद कर दिए। ग्रामीणों ने वीडीओ पर कार्रवाई की मांग की है।
गांव नभीची निवासी विपिन कुमार, सत्यप्रकाश, सूर्यप्रकाश, रितेश शुक्ला, अनिल कुमार, सुरेश, वीरेंद्र कुमार, आशीष शुक्ला, नीरज तिवारी, राजीव कुमार आदि ने बताया कि गांव और आसपास दो सौ से अधिक पशु घूम रहे हैं। रखवाली में जरा-सी चूक होते ही पशु फसल को भारी नुकसान पहुंचा देते हैं। उन लोगों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की थी। ग्राम विकास अधिकारी ने आईजीआरएस पर गांव में छुट्टा पशु न होने की झूठी आख्या लगाकर अधिकारियों को गुमराह कर दिया।
झूठी रिपोर्ट लगाने से नाराज गांव के लोगों ने सोमवार को 70 से 80 पशुओं को गांव में बनी पानी की टंकी की बाउंड्रीवाल के अंदर बंद कर दिया। सूचना पाकर खंड विकास अधिकारी प्रतिभा अग्रवाल पहुंचीं और गांव के लोगों को समझाया। बीडीओ ने गोशाला बनवाकर छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने पशुओं को छोड़ दिया। गांव के लोगों ने ग्राम पंचायत अधिकारी को भी हटाने की मांग की है। ग्राम विकास अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि गांव के पंचायतघर में गांव के लोग गंदगी फैला रहे हैं। मना करने पर गांव के लोग नाराज हो गए। इस कारण छुट्टा पशु बंद किए हैं। उन्होंने गांव में छुट्टा पशुओं को नहीं देखा है।
गांव के लोगों को समझाकर पशुओं को बाउंड्री से बाहर करा दिया है। समस्या का समाधान कराया जाएगा। ग्राम विकास अधिकारी से भी जानकारी ली जाएगी। -प्रतिभा अग्रवाल, बीडीओ, बंडा