जिले के पांच सेंटरों पर शुक्रवार को संपन्न हुई विद्या ज्ञान परीक्षा में करीब सात हजार बच्चे शामिल हुए। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गई। हालांकि प्रवेश पत्रों में सेंटरों के नाम न लिखे होने से छात्र-छात्राओं के साथ उनके घरवाले भी परेशान होते रहे।
विद्या ज्ञान परीक्षा में परिषदीय स्कूलों में कक्षा पांच में पढ़ने वाले बच्चों को परीक्षा देनी होती है। इसके बाद चयनित बच्चों को छह से लेकर 12 तक की शिक्षा आवासीय और नि:शुल्क दी जाती है। आईटी कंपनी एचसीएल की ओर से संचालित विद्या ज्ञान स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ ही योग, खेलकूद, संगीत एवं अन्य तमाम जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं।
प्रदेश भर के स्कूलों के बच्चों की परीक्षा लेने के बाद चयन किया जाता है। इसके लिए बनाए गए इस्लामियां इंटर कालेज, जीआईसी, जनता इंटर कालेज, सरदार पटेल कन्या हिंदू इंटर कालेज, जीजीआईसी में छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी।
अधिकारियों की लापरवाही से परीक्षा नहीं दे सकी सेजल
विद्या ज्ञान परीक्षा में शामिल होने के निगोही के गांव ढकिया तिवारी से शहर में आई छात्रा सेजल चौहान शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से परीक्षा देने से वंचित रह गई। निगोही के खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी किए प्रवेश पत्र पर परीक्षा का केंद्र नहीं लिखा गया। वहीं सभी सेंटरों पर भटकने के बाद जीजीआईसी में करीब एक बजे छात्रा का रोल नंबर मिला तो उसे देरी की बात कहकर प्रधानाचार्य वंदना यादव ने मना कर दिया। पूरे दिन सेजल और उसके पिता चंद्रप्रकाश सिंह चौहान अधिकारियों से बात करके परीक्षा दिलाने की गुहार लगाते रहे।
इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी त्रिलोकीनाथ का कहना है उनके द्वारा केवल सेंटर लिखने की गलती हुई, प्रवेश पत्र पर समय पहले से ही लिखकर आया था और छात्रा की परीक्षा समय की वजह से छूटी है।