आर्य समाज के दोनों संगठनों की ओर से अलग-अलग वेद प्रचार सप्ताह मनाया जा रहा है। एक ओर टाउनहाल के आर्य समाज मंदिर में आचार्य नेमप्रकाश आर्य सत्संग के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आर्य समाज का दूसरा संगठन घर-घर अलख जगा रहा है।
एक संगठन ने बीबीजई हद्दफ में घर-घर जाकर वेद प्रचार सप्ताह का प्रचार-प्रसार किया। इस दौरान सभी को संबोधित करते हुए आचार्य बलवीर शास्त्री ने कहा कि संसार के सभी कार्यों में सर्वश्रेष्ठ कर्म यज्ञ है। यज्ञ एक वैज्ञानिक क्रिया है। अग्नि देवता को समर्पित घी और हवन सामग्री सूक्ष्म परमाणुओं में विभाजित होकर जल, वायु आदि में मिलकर आकाश में पर्यावरण को शुद्ध करता है। इस अवसर पर उमाशंकर आर्य, धनंजय सिंह, भुवनेश गुप्ता, वेदपाल सिंह, ध्रुव कुमार, माधुरी देवी, सुरभि आर्या, सुषमा, अनीता, सावित्री, जितेंद्रनाथ अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।
इधर, आर्य समाज मंदिर में चल रहे सत्संग में आचार्य नेम प्रकाश आर्य ने कहा कि परमपिता परमात्मा ही हमें सब प्रकार के बल प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा प्रकृति मनुष्य जाति के लिए अनुपम वरदान है, इसलिए हमें उसा दोहन करने के बजाय उसका संरक्षण करना चाहिए। आचार्य ज्ञानेंद्र शास्त्री ने कहा कि मनुष्य में आस्था का भाव नैसर्गिक रूप से विद्यमान रहता है, लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं, जो अपने वास्तविक आराध्य और उपास्य को पहचानते हैं। परमात्मा को जानकर ही जीव को जनम-मरण के दुष्चक्र से छुटकारा मरिलता है। इस अवसर पर राजेश आर्य, प्रेम नारंग, लक्ष्मी देवी, प्रधान ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व पंडित राम प्रसाद बिस्मिल सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें विभिन्न स्कूलों के करीब 200 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।