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हमारे शिवालय--बावन गंगा शिव मंदिर में शिवलिंग पर अपने आप चढ़ता है जल

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पुवायां (शाहजहांपुर)। विज्ञान के युग में चमत्कारों पर लोग कम ही लोग विश्वास करते हैं, लेकिन खुटार के गांव सिल्हुआ में प्राचीन शिवमंदिर के शिवलिंग पर अपने आप चढ़ते जल को देखकर श्रद्धालु इसे भोले भंडारी जी का चमत्कार मानते हैं। शिवरात्रि व सावन माह में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
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खुटार से करीब पांच किमी दूर सिल्हुआ गांव के दक्षिण-पश्चिम में बावन गंगा नामक तालाब के किनारे यह शिवमंदिर है।
यह मंदिर करीब 30 वर्ष पहले तब चर्चा में आया, जब यहां पशु चरा रहे बच्चों ने सूखा पड़ने पर गुस्से में शिवलिंग को खाड़कर तालाब में फेंकने का प्रयास किया। शिवलिंग उखड़ते ही उसके निचले हिस्से से पानी निकलना शुरू हो गया। चरवाहे बच्चों ने शिवलिंग से पानी की धार निकलते देख इसकी गांव में चर्चा की। ग्रामीणों ने इसे शंकर जी का चमत्कार मान पूजा-अर्चना शुरू कर दी। उसी दिन जमकर वर्षा होने से स्थान की महत्ता और भी बढ़ गई।
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि करीब सौ साल पहले यहां भोले बाबा नाम के महात्मा रहते थे। श्रद्धालु जो भी खाने की इच्छा प्रकट करते, बाबा हवा में हाथ बढ़ाकर वही वस्तु प्रसाद के रूप में बांटते थे। इसी स्थान के पास बावन गंगा नामक तालाब है। बताते हैं कि भोले बाबा ने 52 तीर्थस्थलों का जल तालाब में डाला। इसीलिए यह तालाब बावन गंगा के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
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एक किवदंती यह भी है कि बाबा के पास दुर्गा जी की सोने की एक प्रतिमा थी। एक बार बाबा ने गुस्से में प्रतिमा को बावन गंगा तालाब में डाल दिया था। गांव के रामशंकर मिश्रा ने बताया कि वर्षों तक यहां रहने के बाद एक दिन भोले बाबा अचानक लापता हो गए। उनके बाद यहां एक अन्य महात्मा का आगमन हुआ जो लगभग 20 वर्ष तक रहे। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद उनके शिष्य भारतदास ने शिवलिंग के पास ही बाबा की समाधि बनवा दी।
वर्तमान में मंदिर को गांव के लोगों के सहयोग से नया रूप दिया गया है। मंदिर में एक औघड़ बाबा की दी हुई काली देवी की प्रतिमा भी स्थापित है। ग्रामीणों के अनुसार एक बार शिव जागरण के दौरान मंदिर की दीवार पर एक परछाई दिखाई दी। इसके पदचिह्न दीवार पर आज भी बने हैं। अब श्रद्धालुओं ने बावन गंगा तालाब के बीच में हनुमान जी की प्रतिमा भी बनवा दी है। वहां तक जाने के लिए तालाब के बीच तक ऊंचा पुल भी बनाया है। तालाब के एक किनारे विशाल शिवलिंग भी बनवाया है।
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