कचहरी परिसर में मंगलवार अपराह्न करीब ढाई बजे एक मुकदमे की तारीख पर पेशी और बयान दर्ज कराने को फतेहगढ़ से आए एक परिवार के सदस्यों ने दूसरे पक्ष के वकील विमल पांडेय पर हमला बोल दिया और कपड़े फाड़ दिए। यह सूचना मिलते ही बाकी के वकीलों में रोष पनपा और देखते ही देखते हंगामे की स्थिति बनी। वकीलों ने दूसरे पक्ष के लोगों को पकड़कर खबर ली तो इसका फायदा उठाते हुए कुछ शरारती तत्वों आसपास मौजूद महिलाओं की पिटाई कर दी और पर्स तक छीन लिया। हालात बिगड़ता देख सदर बाजार थाना के एसएसआई मो. इश्तियाक ने हंगामे पर उतारू भीड़ से महिलाओं को अपनी सुरक्षा में बाहर निकाला और थाने ले गई।
बाद में अधिवक्ता विमल पांडेय की ओर से तहरीर दी गई और दूसरे पक्ष के फतेहगढ़ निवासी दिनेश और कांति आदि की ओर से भी तहरीर दी गई। कचहरी परिसर में हंगामे के दौरान एक दूसरे मामले में तारीख पर पहुंची उपासना और उसके बच्चे सौम्या और सृष्टि भी हंगामे पर उतारू लोगों के कोप का शिकार बने। उपासना पर शरारती तत्वों ने हाथ छोड़ा और चेहरे पर प्रहार किया जिससे उसके मुंह से खून बह निकला। पुलिस ने हंगामाकारी भीड़ से बचने को एक कमरे में छिपे फतेहगढ़ से आए लोगों एवं महिलाओं को अपने सुरक्षा घेरे में लेकर बचाकर बाहर निकाला। उपासना और उसके बच्चों की बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा। सदर बाजार इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह के अनसुर, दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर बलवा और गालीगलौज की रिपोर्ट दर्ज करते हुए विवेचना शुरू कर दी गई है।