दोहरीकरण को इंजीनियरों ने शुरू किया सर्वे
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
रोजा से सीतापुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण के सर्वे काम तेजी से शुरू हो गया। मंगलवार को नोएडा की टेक्निकल ड्राइंग कंपनी के इंजीनियरों ने सर्वे करना शुरू कर दिया है। एक अक्तूूबर से पहले चरण में रोजा से जेबीगंज तक रेलवे लाइन के किनारे मिट्टी डालने का काम शुरू हो जाएगा।
बता दें कि रोजा से सीतापुर होते हुए गोंडा, गोरखपुर और कोलकाता तक जाने के लिए अभी तक यहां से एकल लाइन व्यवस्था थी। रेल मंत्रालय ने रोजा-सीतापुर रेलमार्ग के दोहरीकरण को मंजूरी दी थी, जिसके तहत उत्तर रेलवे के जोनल कार्यालय नई दिल्ली और मंडल मुख्यालय मुरादाबाद से इसकी प्रक्रिया जारी थी।
मंगलवार को टेक्निकल ड्राइंग कंपनी के इंजीनियरों ने रोजा में अपना डेरा जमा दिया। सुबह होते ही रेलवे स्टेशन से लेकर सीतापुर तक के टर्निंग प्वाइंट तक रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर टेक्निकल ड्राइंग सीट को तैयार किया। इंजीनियरों ने बताया कि पहले चरण में रोजा से जंगबहादुर गंज तक रेलवे लाइन के किनारे मिट्टी डालने का काम किया जायेगा। इसकी संभावना एक अक्तूूबर से है।
अमेरिका की जीई कंपनी में तैनात किए अपने सुरक्षा गार्ड
रोजा में लोकोशेड के निर्माण के लिए जीई कंपनी ने अपनी सुरक्षा गारद तैनात कर दी है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक पुराने लोको शेड में 250 इंजनों का रिपेयरिंग वर्कशाप बनेगा। इसके लिए अमेरिका की जीई कंपनी को ठेका दिया गया है। इसकी चहारदीवारी का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। कंपनी की तरफ से 10 सुरक्षा कर्मियों को यहां तैनात किया गया है जो किसी प्रकार के होने वाले अवैध कब्जों को रोकेगी।
सीतापुर रेलखंड पर सीआरएस का प्रस्तावित दौरा अक्तूबर में
रोजा। सीतापुर रेलवे लाइन पर ओएचई वायरिंग का काम पूरा हो चुका है। इस पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन फर्राटा भरती नजर आएंगी। इसके लिए रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण की औपचारिकता होना बाकी है। रेल सूत्र बताते हैं कि अक्तूबर माह में सीआरएस का दौरा प्रस्तावित है। सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद रोजा- सीतापुर रेल मार्ग पर बिजली की गाड़ियों का संचालन हो सकेगा। यद्यपि सीआरएस दौरे की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन दौरे को लेकर रेलवे के टीआरडी सहित तमाम महकमे अपनी तैयारी पूरी कर चुके हैं।