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यूपी विधानसभा चुनाव: सपा प्रत्याशी रोशनलाल वर्मा ने भाजपा प्रत्याशी पर दर्ज कराया मुकदमा

Tue, 15 Feb 2022 10:03 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, निगोही (शाहजहांपुर)

सार

भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा ने कहा कि सपा प्रत्याशी व विधायक रोशनलाल ने उनके समर्थकों के साथ मारपीट की। उन्हें जान का खतरा है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विधायक को जेल भेजे। सपा प्रत्याशी अब उन पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सपा प्रत्याशी और विधायक रोशन लाल वर्मा ने सोमवार शाम बवाल के बाद भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा समेत 26 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ जान से मारने के लिए आवास पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन पर निशाना लगाकर गोली चलाई गई जिसमें वह बाल-बाल बच गए। मंगलवार शाम एसपी के निर्देश पर रोशनलाल के पुत्र मनोज वर्मा की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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तिलहर विधानसभा क्षेत्र के निगोही कस्बे में सोमवार शाम को जमकर बवाल हुआ था। फर्जी वोटिंग की सूचना पर ईसापुर गांव पहुंचे भाजपा नेता आकाश तिवारी के साथ मारपीट हो गई थी। आकाश ने सपा प्रत्याशी रोशनलाल वर्मा व उनके पुत्र सचिन वर्मा व मनोज वर्मा समेत 50-60 समर्थकों पर मारपीट व गाड़ी में तोडफोड़ करने का आरोप लगाया था।

भाजपा समर्थकों के थाने के सामने जाम लगाने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। भाजपा कार्यकर्ता आकाश तिवारी और रावेंद्र सिंह की तहरीर पर विधायक रोशनलाल वर्मा समेत उनके दोनों पुत्रों व समर्थकों पर जानलेवा हमला, अपहरण आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार शाम को विधायक के पुत्र मनोज वर्मा ने थाने में तहरीर दी।
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आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा और उनके समर्थक सोमवार रात करीब आठ बजे उनके आवास के अंदर घुस आए। सभी ने एक राय हाकर जान से मारने की नियत से फायरिंग व पथराव शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

विरोधियों के पास कोई साक्ष्य नहीं
विधायक रोशनलाल ने कहा कि विरोधियों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर का कोई साक्ष्य नहीं है। जबकि, हमारे पास सुबूत हैं। हमारे घर पर हमला हुआ और परिवार ने छिपकर अपनी जान बचाई। उल्टे हमारे ही ऊपर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में सारी घटना कैद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहा है।
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